कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी सियासी घमासान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने अपने बागी गुट के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद डोला सेन ने कोलकाता पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ऋतब्रत बंद्योपाध्याय के नेतृत्व वाला बागी गुट गैरकानूनी तरीके से तृणमूल कांग्रेस के नाम, चुनाव चिह्न और पार्टी की पहचान का इस्तेमाल कर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस के भीतर बड़ा राजनीतिक संकट देखने को मिला। पार्टी से निष्कासित किए जा चुके विधायक ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और उनके समर्थक विधायकों ने खुद को "असली तृणमूल कांग्रेस" बताते हुए अलग संगठनात्मक ढांचा तैयार करने का दावा किया। बागी गुट ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी गठित करने, पार्टी नेतृत्व में बदलाव की घोषणा करने और चुनाव आयोग के समक्ष खुद को वास्तविक तृणमूल कांग्रेस के रूप में मान्यता दिलाने की बात भी कही।
शिकायत में लगाए गए ये आरोप
तृणमूल कांग्रेस की शिकायत के अनुसार, बागी गुट पार्टी की आधिकारिक अनुमति के बिना "ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस" नाम, उसके चुनाव चिह्न और पहचान का उपयोग कर रहा है। पार्टी ने इसे आपराधिक प्रतिरूपण (क्रिमिनल इम्पर्सोनेशन), जालसाजी और जनता को भ्रमित करने की कोशिश बताया है। शिकायत में पुलिस से मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ा टकराव
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति और पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ऋतब्रत बंद्योपाध्याय गुट पहले ही खुद को तृणमूल कांग्रेस का वास्तविक प्रतिनिधि बता चुका है, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला आधिकारिक गुट इस दावे को पूरी तरह खारिज कर चुका है। दोनों पक्षों के बीच कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लगातार तेज होती जा रही है।
अब आगे क्या?
पुलिस शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की जांच की जाएगी। दूसरी ओर, पार्टी की वैधता, नाम और चुनाव चिह्न को लेकर यदि विवाद आगे बढ़ता है, तो भविष्य में चुनाव आयोग और अदालतों की भूमिका भी अहम हो सकती है। फिलहाल इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी संघर्ष को एक नए मोड़ पर ला दिया है।