हावड़ा/बागनान: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और पुलिस मंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने वाले अपराधियों को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है। शनिवार दोपहर हावड़ा के बागनान में दिवंगत भाजपा कार्यकर्ता और लोकप्रिय समाजकर्मी प्रशांत दे के आवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने दुखी परिवार को सांत्वना दी। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने साफ कहा, "इस जघन्य हत्याकांड के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। अगर जरूरत पड़ी, तो पुलिस आरोपियों को पाताल से भी खोजकर गिरफ्तार करेगी। मुख्यमंत्री और पुलिस मंत्री के तौर पर मैं ऐसी मिसाल कायम करूंगा कि भविष्य में कोई भी कानून को हाथ में लेने की हिम्मत न करे।"
CID जांच की समीक्षा, आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक ट्रायल का निर्देश
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 21 जून को ही इसकी जांच सीआईडी (CID) को सौंप दी थी। शनिवार को बागनान में उन्होंने आईजी, डीआईजी, जिला पुलिस कप्तान और सीआईडी की 10 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने बताया कि इस मामले में कुल 51 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है, जिनमें से 10 को दबोचा जा चुका है। बाकी 41 आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "जब पुलिस नेपाल सीमा से अपराधियों को उठा सकती है, तो ये आरोपी बच नहीं पाएंगे।" उन्होंने पुलिस को हिरासत के दौरान ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत पुख्ता चार्जशीट दाखिल करने और फास्ट ट्रैक कस्टडी ट्रायल के लिए विशेष सरकारी वकील (Special PP) नियुक्त करने का आदेश दिया।
पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता की घोषणा
प्रशांत दे इलाके के बेहद मददगार व्यक्ति थे, जिनकी हत्या के बाद बेसहारा हुए परिवार के लिए मुख्यमंत्री ने मानवीय पहल करते हुए कई घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा, "किसी की जिंदगी की कीमत पैसों से नहीं आंकी जा सकती, लेकिन इस संकट में सरकार परिवार के साथ है।" उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष (CM Relief Fund) से ₹5 लाख की अतिरिक्त आर्थिक मदद दी, जबकि जिला प्रशासन पहले ही आपदा कोष से ₹4 लाख दे चुका है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रशांत की 22 वर्षीय बड़ी बेटी को घर के पास ही बीडीओ (BDO) कार्यालय में अनुबंध आधारित सरकारी नौकरी देने और बुजुर्ग माता-पिता के लिए तत्काल वृद्धावस्था पेंशन शुरू करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए।
माफियाओं की अवैध संपत्ति और निर्माण पर चलेगा डंडा
सुवेंदु अधिकारी ने साफ किया कि यह जांच सिर्फ हत्या के मुकदमे तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट (DM) को आरोपियों की आर्थिक ताकत और दबदबा खत्म करने के लिए 'फैक्ट फाइंडिंग' जांच का आदेश दिया है। इसके तहत देखा जाएगा कि आरोपियों ने कहीं अवैध जमीन कब्जा या बेकाबू अवैध निर्माण तो नहीं किया है। यदि ऐसा पाया गया तो उस पर सख्त कानूनी बुलडोजर एक्शन होगा।
"तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति का अंत" – पूर्ववर्ती सरकार पर तीखा हमला
इलाके के पुराने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए सुवेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि साल 2021 के चुनाव के बाद बागनान में एक मूक-बधिर महिला के साथ दरिंदगी हुई थी, जिसकी जांच सीबीआई ने की थी। पहले अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलता था, जिससे उनके हौसले बढ़े हुए थे। उन्होंने कहा, "अब वो दिन चले गए जब वोटबैंक या धर्म देखकर अपराधियों को बचाया जाता था। अब अपराधी चाहे किसी भी दल या समुदाय का हो, कानून सबके लिए बराबर है। उदाहरण के लिए, पिछले वर्ष तक मुहर्रम के जुलूसों में हथियारों का प्रदर्शन आम था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में यह पूरी तरह बंद रहा।" मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि राज्य के इतिहास में यह पहली बार है जब कोई मुख्यमंत्री खुद पीड़ित के घर बैठकर केस की मॉनिटरिंग कर रहा है, क्योंकि यह सरकार राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं के त्याग और जनता के भरोसे पर बनी है।