कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा की समाप्ति के बाद जहां सुबह-शाम हल्की ठंडक का अहसास होने लगा था, वहीं मौसम के रुख में आए ताजा बदलाव ने शुरुआती सर्दियों की रफ्तार को धीमा कर दिया है। अलीपुर मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते राज्य के तटीय और दक्षिणी जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है। आज कोलकाता समेत हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और मेदिनीपुर के कुछ हिस्सों में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा और दोपहर बाद गरज-चमक के साथ छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है।
कोलकाता का तापमान और उमस भरी गर्मी का असर
राजधानी कोलकाता में आज सुबह से ही बादलों की आंखमिचौली जारी है। शहर का अधिकतम तापमान 31°C से 32°C के आसपास बने रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 24°C से 25°C के बीच दर्ज किया गया है। हवा में आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) का स्तर 60 से 75 प्रतिशत तक रहने के कारण दिन के समय उमस भरी गर्मी बेचैनी बढ़ा सकती है। दोपहर के समय स्थानीय स्तर पर गरज वाले बादलों के बनने से कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे पारे में आंशिक गिरावट आ सकती है।
उत्तर बंगाल में शुष्क मौसम, दार्जिलिंग में बढ़ी ठंड
दक्षिण बंगाल के विपरीत, उत्तर बंगाल के जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क और साफ बना हुआ है। सिलीगुड़ी, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुरद्वार में दिन के समय तेज धूप खिली रहेगी, जबकि रात में तापमान में गिरावट देखी जा रही है। वहीं दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के पहाड़ी इलाकों में तापमान 11°C से 14°C तक गिर गया है, जिससे वहां कड़ाके की ठंड की शुरुआत हो चुकी है।
कब से महसूस होगी असली ठंड?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में सक्रिय मौसमी हलचलों के कारण उत्तर-पश्चिमी शुष्क व ठंडी हवाओं का प्रवाह बाधित हुआ है। जब तक यह मौसमी नमी पूरी तरह समाप्त नहीं होती, तब तक राज्य के मैदानी इलाकों में कड़ाके की सर्दी का इंतजार करना होगा। नवंबर के पहले सप्ताह के बाद चक्रवाती दबाव छंटने और आसमान साफ होने पर ही तापमान में 2 से 3 डिग्री की स्पष्ट गिरावट देखने को मिलेगी।