Mumbai | अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और निवेशकों की बढ़ती खरीदारी के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। दोनों कीमती धातुओं में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों, डॉलर में नरमी और मध्य पूर्व से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने सोने-चांदी की कीमतों को सपोर्ट दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब दो महीने के निचले स्तर से रिकवर करते हुए मजबूत हुआ। इसका असर घरेलू वायदा बाजार यानी MCX पर भी देखने को मिला, जहां सोना और चांदी दोनों में अच्छी खरीदारी दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी मजबूत
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी एक्सचेंज COMEX पर शुक्रवार को सोने की कीमत में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली। तेजी के बाद सोना करीब 4,200 डॉलर प्रति औंस के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं, चांदी में भी मजबूत खरीदारी रही। चांदी करीब 2 प्रतिशत की तेजी के साथ 60 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार करती दिखाई दी। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक डॉलर में नरमी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में कमी से सोने की सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर मांग को समर्थन मिला है।
MCX पर सोना ₹1.51 लाख के पार
घरेलू वायदा बाजार की बात करें तो शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में दिसंबर डिलीवरी वाला सोना मजबूत तेजी के साथ कारोबार करता नजर आया। सोने ने दिन का उच्च स्तर ₹1,51,200 प्रति 10 ग्राम छुआ। यह पिछले बंद भाव ₹1,49,610 की तुलना में ₹1,590 यानी 1.06 प्रतिशत की बढ़त है। खबर लिखे जाने तक सुबह करीब 11 बजे दिसंबर डिलीवरी वाला सोना ₹1,51,103 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इसमें पिछले बंद भाव के मुकाबले ₹1,493 यानी करीब 1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
चांदी में 1.47% की तेजी
सोने के साथ-साथ चांदी में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली। MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी ने शुक्रवार को ₹2,24,500 प्रति किलोग्राम का दिन का उच्च स्तर छुआ। यह पिछले बंद भाव ₹2,21,233 प्रति किलोग्राम से ₹3,267 यानी 1.47 प्रतिशत की बढ़त है। सुबह करीब 11 बजे दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी ₹2,24,321 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। इस दौरान चांदी में ₹3,088 यानी करीब 1.40 प्रतिशत की तेजी रही।
सोने की कीमतों को क्यों मिल रहा है सपोर्ट?
सोने की तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारक काम कर रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख अमेरिकी डॉलर में नरमी और बॉन्ड यील्ड में गिरावट है। डॉलर कमजोर होने पर आमतौर पर अन्य मुद्राओं में सोना रखने वाले निवेशकों के लिए इसकी कीमत अपेक्षाकृत आकर्षक हो जाती है। इसके अलावा निवेशक अमेरिकी Federal Reserve की आगामी ब्याज दर नीति पर भी नजर बनाए हुए हैं। ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें सोने की मांग को सपोर्ट कर सकती हैं।
मध्य पूर्व तनाव से सुरक्षित निवेश की मांग
मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिति अभी भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे समय में निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों के बजाय सोने जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं। यही वजह है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच सोने और चांदी की मांग को समर्थन मिल रहा है।
धनतेरस-दिवाली से पहले बढ़ सकती है मांग
भारत में अब दशहरा, धनतेरस और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहार नजदीक हैं। इसके बाद शादी-विवाह का सीजन भी शुरू होगा। ऐसे में सोने और चांदी की घरेलू मांग में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है। विशेष रूप से धनतेरस और दिवाली के दौरान आभूषण तथा सोने-चांदी की खरीदारी बढ़ने से घरेलू बाजार में इन कीमती धातुओं की कीमतों को अतिरिक्त सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, आगे कीमतों की दिशा अमेरिकी फेड की ब्याज दर नीति, डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और घरेलू मांग जैसे कई कारकों पर निर्भर करेगी।