MP Poilitics :कांग्रेस हर तरीके से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को उन्हीं के गढ़ में आइना दिखाने की रणनीति बना रही है। ग्वालियर-चंबल (MP Poilitics) संभाग में उन लोगों को प्रभारी बनाकर भेजा जा रहा है। जिनका पारिवारिक रूप से सिंधिया परिवार से राजनीति में छत्तीस का आंकड़ा रहा है। इसी रणनीति के तहत ग्वालियर व दतिया जिले का प्रभारी पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के पुत्र व पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को बनाया गया है। प्रभारी बनने के बाद ही अजय सिंह स्थानीय लोगों से बात करने के लिए 2 दिन के प्रवास पर बुधवार को ग्वालियर आ रहे हैं।
भाजपा का दामन थामा
अजय सिंह महल से पीड़ित कांग्रेसियों को विधानसभा चुनाव में मोर्चा संभालने के लिए प्रोत्साहित करेंगे और पार्टी का जनाधार टटोलेंगे। प्रदेश की राजनीति में महल के वर्चस्व को कांग्रेस में चुनौती दो परिवारों से मिलती थी। पहली अर्जुन सिंह और दूसरी उनके राजनीतिक शिष्य दिग्विजय सिंह के परिवार से मिलती थी। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह व दिग्विजय सिंह कभी नहीं चाहते थे कि सिंधिया घराना प्रदेश में राजनीतिक ताकत बनकर उभरे। इन्ही बातों से परेशान होकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस को अलविदा कहकर भाजपा का दामन थाम लिया।
पूरी टीम के साथ एक्टिव
ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में पहले से ही दिग्विजय सिंह पूरी टीम के साथ एक्टिव है। अब पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने अजय सिंह को ग्वालियर-दतिया का प्रभारी बनाकर भेजा है। कमल नाथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दो से तीन जिलों का दायित्व सौंपकर विधानसभा चुनाव के लिए एक्टिव किया है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह बुधवार को शताब्दी एक्सप्रेस से भोपाल से ग्वालियर आ रहे हैं। वे रात को ही कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार से मुलाकात करेंगे और जिले की चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे। रात्रि विश्राम के बाद गुरुवार की सुबह वरिष्ठजनों से मुलाकात करेंगे और डबरा जाएंगे। डबरा में ब्लाक अध्यक्षों, ग्रामीण कांग्रेस के पदाधिकारियों के सम्मेलन में भाग लेंगे। डबरा से वापसी के बाद शाम पांच बजे प्रतिनिधि सम्मेलन में भाग लेंगे और चुनिंदा कांग्रेसियों के साथ रात्रि भोज में शामिल होंगे।
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