MP News: मध्यप्रदेश में जहां मजदूरों को पेंशन के साथ ही 60 साल की उम्र के बाद एक निश्चित रकम देने वाली योजना पर विचार किया जा रहा है, वहीं केन्द्र सरकार करदाताओं को नववर्ष में बड़ी राहत दे सकती है। 1 फरवरी से होने वाले अंतरिम बजट के दौरान सरकार साढ़े सात लाख तक की कमाई पर टैक्स छूट दी जा सकती है।
मंत्री प्रहलाद पटेल ने अधिकारियों को दिए निर्देश
मध्यप्रदेश के ग्रामीण पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने मजदूरों के लिए योजना बनाने अधिकारियों को दिए निर्देश। पेंशनधारियों को इस व्यवस्था के तहत 15 हजार रु. तक की छूट दी जाएगी। मध्यप्रदेश के ग्रामीण पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की योजनाओं पर विचार करते हुए 45 वर्ष की आयु में मजदूरों का बीमा कवर करते हुए उन्हें 60 साल की उम्र के बाद न केवल पेंशन देने पर विचार किया गया, जबकि इस उम्र के बाद एक निश्चित रकम देने की योजना भी बनाई गई। इस संबंध में पटेल ने अधिकारियों को एक योजना बनाने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इसके अलावा मजदूरों के पंजीयन निरस्त किए जाने और एसडीएम के यहां अपील के प्रावधान को हटाया जाएगा। अपील जनपद पंचायत या श्रमिक बोर्ड के समक्ष की जा सकेगी। इससे मजदूरों के पंजीयन के निरस्तीकरण की व्यवस्था पारदर्शी होगी।
7 लाख से बढ़ाकर साढ़े 7 लाख रु. कर सकती है
इसी तरह केन्द्र सरकार लोकसभा चुनाव से पहले 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट से पहले अंतरिम बजट में आम लोगों की आयकर सीमा 7 लाख से बढ़ाकर साढ़े 7 लाख रु. कर सकती है। यदि सरकार यह फैसला लेती है तो करदाताओं को नई कर व्यवस्था में 8 लाख रुपए तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। इस छूट के अलावा 50 हजार रु. की मानक कटौती भी दी जाएगी, वहीं पेंशनधारियों को इस व्यवस्था के तहत 15 हजार रु. तक की छूट दी जाएगी। 7 लाख रुपए तक की छूट दिए जाने के बाद नए वित्तीय वर्ष में 8.18 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किए गए, जबकि इससे पहले 7.51 करोड़ लोग आयकर रिटर्न दाखिल करते थे। इस वित्तीय वर्ष में आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में जहां 9 प्रतिशत का इजाफा हुआ, वहीं टैक्स रेवेन्यू भी 14.7 प्रतिशत बढ़ा।
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