राजस्थान में कांग्रेस की नाकामियां गिनाने के बाद अब बीजेपी तेलंगाना में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के कथित झूठ और पार्टी की विफलताएं गिनाएगी। इसके लिए मध्य प्रदेश भाजपा के नेताओं की जिम्मेदारी भी तय की गई है। पार्टी ने प्रदेश के 22 नेताओं की टीम तेलंगाना चुनाव में लगाई है।
तेलंगाना में 30 नवंबर को मतदान होंगे
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो दिनों तक राजस्थान की जनता को भाजपा सरकार का विकास बताया तो मध्य प्रदेश में कांग्रेस की झूठी गारंटियां गिनाईं। तेलंगाना में 30 नवंबर को मतदान होना है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने तेलंगाना में चुनाव प्रचार के लिए मध्य प्रदेश के 7 मंत्रियों, तीन सांसद, विधायक और पार्टी पदाधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी और डबल इंजन की सरकार के विकास को लेकर भाजपा तेलंगाना की जनता के बीच जाएगी और जनता को भाजपा की सरकार बनाने का संकल्प दिलाएगी।
दोनों भाई-बहन झूठ की मशीन
भाजपा ने राजस्थान में राहुल गांधी को केवल कांग्रेस के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मुसीबत बताया है। दरअसल, भाजपा ने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को घेरने की रणनीति बनाई है। भाजपा तेलंगाना में बताएगी कि ये दोनों भाई-बहन झूठ की मशीन हैं। मध्य प्रदेश में भी इन्होंने कई वादे किए थे और कहा था कि सभी किसानों का कर्जा माफ करेंगे लेकिन नहीं किया। कांग्रेस की इन्हीं नाकामियों को लेकर भाजपा तेलंगाना की जनता के बीच जाएगी।
22 नेता तेलंगाना में मोर्चा संभालेंगे
मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा समेत 22 नेता तेलंगाना में मोर्चा संभालेंगे। नरोत्तम मिश्रा 28 नवंबर तक तेलंगाना राज्य की अलग-अलग विधानसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे। मंत्रियों में भूपेंद्र सिंह, राजेंद्र शुक्ल, कमल पटेल, विश्वास सारंग, अरविंद सिंह भदौरिया और मोहन यादव तेलंगाना जाएंगे। इनके अलावा तीन सांसद केपी यादव, अनिल फिरोजिया और गजेंद्र सिंह पटेल और चार विधायक भी वहां सभाएं करेंगे।
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