मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वे दावोस इस उद्देश्य के साथ जा रहे हैं कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर मिले, उत्पाद सही ढंग से बाजार तक पहुंचें और मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से समृद्ध बने। उनका कहना है कि इन प्रयासों से प्रदेश की समृद्धि सुनिश्चित होगी और मध्यप्रदेश में निवेश की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतरीन तकनीक को अपनाने और उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए विश्व के प्रमुख उद्यमियों को आमंत्रित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली से वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में शामिल होने के लिए दावोस रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत की आर्थिक मजबूती के लिए यह फोरम अत्यंत महत्वपूर्ण है और मध्यप्रदेश की सहभागिता उल्लेखनीय रहेगी।
कृषि और व्यापार क्षेत्र में संभावनाएं:
डॉ. यादव ने कहा कि ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर एक बड़ा सेक्टर है, जिसमें फूड से लेकर कई उद्योगों तक व्यापार के अवसर हैं। कपास उत्पादन, वस्त्र निर्माण और अन्य क्षेत्रों में भी निवेश और वाणिज्य के विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में रोजगार सृजन और जैविक कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए हर तरह के अवसर मौजूद हैं।
देश और राज्यों के लिए अवसर:
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब विश्व की तीसरी सबसे सशक्त अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। बदलते समय में प्रत्येक राज्य के पास आगे बढ़ने के सुनहरे अवसर हैं। ऐसे वैश्विक मंचों पर भागीदारी से राज्यों को औद्योगिक निवेश प्राप्त करने का व्यापक अवसर मिलता है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और निवेश:
डॉ. यादव ने बताया कि भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के परिणाम शानदार रहे हैं। मध्यप्रदेश में अब तक प्राप्त निवेश का 30 प्रतिशत धरातल पर उतारा जा चुका है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा ग्वालियर में आयोजित अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में 2 लाख करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। कुल मिलाकर 8.5 लाख करोड़ के औद्योगिक विकास कार्य धरातल पर आ चुके हैं और आगे भी कार्य जारी हैं।
कृषि और खाद्य उद्योग:
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 किसानों की समृद्धि को समर्पित किया गया है। मध्यप्रदेश में कृषि विकास और उससे संबंधित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य उत्पादन, उद्यानिकी और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बन सकता है।
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