सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला विवाद में हिंदू पक्ष की ओर से दाखिल नई अर्जी पर 22 जनवरी को सुनवाई करने की सहमति दे दी है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने याचिका में 23 जनवरी को वसंत पंचमी पर केवल हिंदुओं को सरस्वती पूजा की अनुमति देने और मुसलमानों को उस दिन प्रवेश से रोकने की मांग की है।
22 जनवरी को सुनवाई
कोर्ट ने अर्जी पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध स्वीकार करते हुए 22 जनवरी को सुनवाई का आदेश दिया। यह निर्णय प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने लिया। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से पेश वकील विष्णु शंकर जैन ने अपनी दलीलें पेश कीं।
धार स्थित भोजशाला विवाद
वकील जैन के अनुसार मामला मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला का है। भारत पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के 7 अप्रैल 2003 के आदेश में कहा गया है कि हिंदू प्रत्येक मंगलवार और वसंत पंचमी के दिन पूजा कर सकते हैं, जबकि मुसलमान शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज अदा कर सकते हैं।
इस बार वसंत पंचमी शुक्रवार को
इस वर्ष वसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ रही है, जिससे सांप्रदायिक तनाव की संभावना बढ़ गई है। कोर्ट ने मामले की शीघ्र सुनवाई की आवश्यकता मानी है। यह मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में लंबित था, जिसने भोजशाला की धार्मिक प्रकृति की जांच के लिए ASI सर्वे का आदेश दिया था। हालांकि, इसके खिलाफ दूसरे पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी थी, जिसके कारण हाई कोर्ट की सुनवाई रोक दी गई है।
विवाद का इतिहास और ASI का आदेश
भोजशाला को लेकर वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर बनाम मौला दरगाह-मस्जिद विवाद सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
हिंदू पक्ष का दावा है कि 11वीं शताब्दी में परमार राजा भोज ने भोजशाला को वाग्देवी मंदिर और संस्कृत महाविद्यालय के रूप में स्थापित किया था।
1305 ईस्वी में अलाउद्दीन खिलजी ने हमला किया, और बाद में 1401-1514 के बीच दिलावर खान गौरी और महमूद खिलजी ने मंदिर के हिस्सों को तोड़कर मस्जिद का निर्माण कराया।
मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह स्थल कमाल मौला की दरगाह और मस्जिद सदियों पुरानी है।
पूजा की अनुमति
ASI के आदेश के अनुसार:
प्रत्येक मंगलवार: हिंदू समाज को पूजा की अनुमति।
प्रत्येक शुक्रवार: मुस्लिम समाज को दोपहर में नमाज की अनुमति।
वर्ष में एक बार बसंत पंचमी: हिंदू समाज को सुबह से शाम तक पूजा करने की विशेष अनुमति।
विवाद तब उत्पन्न होता है जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ती है, और हिंदू पक्ष पूरे दिन पूजा की विशेष अनुमति देने की मांग करता है।
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