सुशासन सरकार की प्राथमिकता है। विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो, हर स्तर पर त्वरित निर्णय लेकर समय सीमा में कामों को पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए। योजनाओं को सही स्वरूप में धरातल पर उतारना ही विभागों का लक्ष्य होना चाहिए। इसके लिए विभागीय अधिकारी अधिक से अधिक मैदानी दौरे करें। सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि लोगों को सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर न लगाना पड़े। विभागों में खाली पड़े पदों पर भर्ती की जाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में दिए।
सीएम मोहन यादव बोले, 6 माह उपलब्धियों से भरे हुए
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के छह माह उपलब्धियों भरे रहे हैं। हमारे पास जो संसाधन हैं, उनका उपयोग जनता के लिए अधिक से अधिक और प्रभावी तरीके से हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में 5 ट्रिलियन डालर इकोनामी के लक्ष्य को प्राप्त करने में मध्य प्रदेश सर्वोत्कृष्ट योगदान दें। प्रदेश की पहचान बनाने वाली औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करें। इसके लिए क्षेत्रीय स्तर पर इन्वेस्टर्स समिट करने का निर्णय लिया है। इससे क्षेत्र आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर सृजित करने में मदद मिलेगी।एक-एक मेडिकल कॉलेज आरंभ हों
सभी 29 संसदीय क्षेत्रों में एक-एक मेडिकल कॉलेज आरंभ हों, इसके प्रयास हैं। अगले चरण में प्रत्येक जिले में एक-एक मेडिकल कालेज आरंभ किया जाएगा। गुजरात में स्वीकार नहीं किए जाते प्रदेश के आयुष्मान कार्ड- बैठक के दौरान वन मंत्री नागर सिंह चौहान ने गुजरात से प्रदेश के मरीजों को लौटाने और आयुष्मान कार्ड स्वीकार नहीं करने की बात उठाई।यह दिए निर्देश
विभागीय अधिकारी मैदानी दौरे करें।
प्रत्येक जिले में एक्सीलेंस कॉलेज और हर विश्वविद्यालय में कृषि संकाय आरंभ किया जाए।
सभी सरकारी और निजी कॉलेज एक-एक गांव गोद लें।
पंचायतों और नगरीय निकायों का कोई भी पदाधिकारी निरक्षर न रहे, इसके लिए विशेष अभियान शुरू करें।
21 जून को आयोजित होने वाले योग दिवस पर सभी जिला मुख्यालयों में कार्यक्रम करें।
गंगा दशहरा पर सभी मंत्री अपने क्षेत्रों में जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान में भाग लें।
खरीफ फसलों के लिए खाद-बीज की कमी न आए। खाद की कालाबाजारी न हो।
अभियान चलाकर आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं।
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