पिछले कई दिनों से उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में हाड़ कंपा देने वाली ठंड और शीतलहर का असर देखने को मिल रहा है। अब भारतीय मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार मौसम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान में बढ़ोतरी के साथ-साथ बारिश और बर्फबारी के हालात बन रहे हैं, जिससे ठंड की तीव्रता में कमी आने की संभावना है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का व्यापक दौर
IMD के अनुसार 16 से 20 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश के साथ व्यापक स्तर पर बर्फबारी हो सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की मोटी परत जमने के आसार हैं, जिससे तापमान में गिरावट के साथ यातायात और जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
मैदानी इलाकों में बारिश का शेड्यूल
18 से 20 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में बारिश की गतिविधियां शुरू होने की संभावना है। इसके अलावा 19 और 20 जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। इस बारिश से मैदानी क्षेत्रों में ठंड से आंशिक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कोहरा और पाले का अलर्ट, किसानों के लिए सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 5 से 6 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा। पश्चिमी राजस्थान में कोहरे की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है, जहां दृश्यता 50 मीटर से भी कम हो सकती है। तापमान में उतार-चढ़ाव और अलसुबह पड़ने वाले पाले से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फसलों की हल्की सिंचाई कर पाले के असर को कम करने की सलाह दी है।
अगले पांच दिनों का तापमान अनुमान
IMD के मुताबिक 16 जनवरी के बाद शीतलहर का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगेगा। न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि फिलहाल राजस्थान के सीकर, चूरू, हनुमानगढ़ और झुंझुनूं समेत आठ जिलों में शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
सतर्कता और सावधानी की जरूरत
मौसम में इस बदलाव के चलते पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों, किसानों और दैनिक जनजीवन से जुड़े लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में बारिश, बर्फबारी और कोहरे का संयुक्त असर जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।
Comments (0)