मध्यप्रदेश की 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार आगामी वित्तीय वर्ष में लाड़ली बहना योजना के बजट को बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। बजट बढ़ने के साथ ही योजना के तहत मिलने वाली मासिक किस्त की राशि में भी इजाफा हो सकता है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति को और मजबूती मिलेगी।
जेंडर बजट पर सरकार का विशेष फोकस
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस बार महिलाओं से जुड़े खर्चों को जेंडर बजट के रूप में पेश करने की तैयारी में है। इसमें प्रदेश की आधी आबादी यानी महिलाओं को केंद्र में रखा जाएगा। इसी नीति के तहत लाड़ली बहना योजना के लिए करीब 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सकता है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बड़ा कदम माना जा रहा है।
पिछले बजट से कितना बढ़ सकता है आवंटन
वित्तीय वर्ष 2025-26 में लाड़ली बहना योजना के लिए 18,669 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था। अब नए वित्तीय वर्ष में इस राशि को बढ़ाकर महिलाओं को अधिक लाभ देने की तैयारी है। बजट में यह बढ़ोतरी सरकार की महिला-केंद्रित नीतियों को दर्शाती है।
लाड़ली लक्ष्मी योजना को भी मिलेगा सहारा
महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में सरकार अन्य योजनाओं को भी मजबूती दे रही है। लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए करीब 1,000 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य को सुरक्षित बनाना है।
लखपति दीदी और रोजगार पर जोर
सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लखपति दीदी योजना को भी विस्तार देने की तैयारी में है। इसके तहत महिलाओं को स्थायी रोजगार से जोड़ा जाएगा। प्रस्तावित लगभग 50,000 पदों पर होने वाली भर्तियों में महिलाओं को प्राथमिकता देने की योजना है, जिससे उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
नारी सशक्तिकरण मिशन को मिलेगी नई गति
राज्य सरकार नारी सशक्तिकरण मिशन को और प्रभावी बनाने पर भी काम कर रही है। महिलाओं के लिए उद्योग स्थापित करने, स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को बढ़ाने और स्वरोजगार के अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन प्रयासों से प्रदेश में महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी मजबूत होने की उम्मीद है।
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