एमपी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस लगातार हारने वाली सीटों के प्रत्याशियों का नाम 3 माह पहले ही तय कर लेगी। 230 सदस्यीय विधानसभा में 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने 114 सीटें जीती थीं। मध्यरप्रदेश में 70 सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस को पिछले कई चुनावों से पराजय मिल रही है। इन सीटों पर पार्टी पहले ही प्रत्याशी तय कर लेगी ताकि प्रत्याशी अपनी मैदानी तैयारी के लिए ज्य़ादा समय पा सकें। पार्टी के दिग्गज नेता भी इन क्षेत्रों में लगातार दौरे कर रहे हैं। साथ ही उन क्षेत्रों के प्रत्याशी भी पहले तय कर लिए जाएंगे जहां टिकट को लेकर बहुत खींचतान नहीं है। ऐसे क्षेत्रों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और दिग्विजय सिंह कार्यकर्ताओं से जानकारी जुटा रहे हैं।
प्रत्याशी चयन के लिए कमलनाथ सर्वे तो करा ही रहे हैं, वरिष्ठ नेताओं को मैदानी जानकारी जुटाने के लिए भी भेजा गया है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी, अरुण यादव, कांतिलाल भूरिया, नेता प्रतिपक्ष डॉ.गोविंद सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, तरुण भनोत, जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल सहित अन्य नेताओं को जिले आवंटित किए गए हैं।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह उन सभी सीटों का दौरा कर रहे हैं, जहां पार्टी को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक अर्जुन मोढवाडिया, सुभाष चोपड़ा, कुलदीप सिंह राठौड़, प्रदीप टम्टा के अलावा राष्ट्रीय सचिवों को भी जिलों का प्रभार दिया गया है। इन सभी से कहा गया है कि जीत की संभावना वाले कार्यकर्ताओं को चिह्नित करके उनके नाम बताएं।
एमपी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस लगातार हारने वाली सीटों के प्रत्याशियों का नाम 3 माह पहले ही तय कर लेगी। 230 सदस्यीय विधानसभा में 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने 114 सीटें जीती थीं। मध्यरप्रदेश में 70 सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस को पिछले कई चुनावों से पराजय मिल रही है।
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