ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर परिसर के ‘श्री महाकाल महालोक’ में हुए 242 करोड़ 35 लाख रुपये के निर्माण कार्यों का लोकार्पण गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रिमोट का बटन दबाकर किया। मंदिर के समीप इंदौर रोड स्थित कवेलू कारखाने वाली जमीन पर 284 करोड़ रुपये से यूनिटी माल बनाने और शासकीय इंजीनियरिंग कालेज की मालनवासा स्थित जमीन पर 260 करोड़ रुपये से शासकीय मेडिकल कालेज बनाने को ई- भूमि पूजन किया।
यूनिटी माल और शासकीय मेडिकल कालेज बनाने को ई-भूमि पूजन
कहा कि यूनिटी माल पुरातन स्वरूप में बनेगा। निर्माण, उज्जैन विकास प्राधिकरण से अनुबंधित नोएडा की यूनिवर्सल कंपनी 18 महीनों में पूरा करके देगी। मेडिकल कालेज का निर्माण हाईकोर्ट से लगी रोक हटने के बाद शुरू होगा। फिलहाल इंजीनियरिंग कालेज के पूर्व छात्रों के संगठन एल्यूमिनी एसोसिएशन की याचिका के कारण 6 नवंबर 2023 तक निर्माण पर रोक लगी है। मालूम हो कि उज्जैन में पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर परिसर को आठ गुना बड़ा और भव्य बनाया है। गत वर्ष 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘श्री महाकाल महालोक फेज-’ अंतर्गत बड़ा रूद्र सागर किनारे आकर लिए 395 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों (भगवान शिव सहित अन्य देवी-देवताओं की विशाल मूर्तियों, नदी द्वार, पिनाकी द्वार, मानसरोवर भवन, महाकाल मंडपम्, त्रिवेणी मंडपम्, दीवारों पर उकेरे शैल चित्रों) का लोकार्पण किया था। योजना के दूसरे चरण में सालभर बाद गुरुवार को त्रिवेणी कला संग्रहालय के सामने बनाई प्रदेश की सबसे बड़ी हाईजेनिक रसोई (किचन) ‘श्री महाकालेश्वर मंदिर अन्नक्षेत्र’, बेगमबाग रोड वाली जगह बने नीलकंठ द्वार, नीलकंठ वन, महाकाल मैदान पर बनाए हाकर्स जोन, बेसमेंट पार्किंग, शक्ति पथ (आर-22 त्रिवेणी संग्रहालय से हरसिद्ध मंदिर), गंगा पथ (नृसिंह घाट से शक्ति पथ), छोटा रूद्रसागर किनारे बनाए तपोवन, ध्यान कुटी, चिंतन वन, हेरिटेज धर्मशाला (पुराना महाराजवाड़ा भवन), अनुभूति वन, महाकालेश्वर मंदिर की पूर्व दिशा में बनाई टनल, आपातकालीन प्रवेश एवं निगर्म मार्ग, कोटीतीर्थ कुंड, महाकालेश्वर मंदिर के आंतरिक विकास कार्यों सहित शिखर दर्शन योजना का लोकार्पण मुख्यमंत्री के हाथों किया गया। उद्बोधन में मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि राजनीति की राह में कदम कदम पर फिसलने का खतरा है। सनातन धर्म और सद् मार्ग पर चलने को संतों का आशीर्वाद आवश्यक है। सनातन का न कोई आदि है और न अंत है। अभी सनातन धर्म पर कुछ लोगों ने उंगली उठाई थी। कहा था कि यह डेंगू, मलेरिया है, इसे खत्म करना चाहिए। मेरा कहना है कई आए और चले गए पर वो सनातन धर्म को समाप्त नहीं कर पाए। सनातन का न कोई आदि है और न अंत है। ऐसे लोगों की मैं घोर निंदा करता हूं। सीएम ने बताया कि श्री महाकाल महालोक के निर्माण का बीज सिंहस्थ- 2016 के दरमियान उज्जैन में हुए वैचारिक महाकुंभ में पनपा था। महाकाल भगवान की ऐसी कृपा बरसी की योजना साकार हो गई। महाकाल मंदिर परिसर आठ गुना बढ़कर 47 हेक्टेयर का हो गया।51 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए, भव्य आतिशबाजी की
लोकार्पण समारोह अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर बनाए पांच मंचों से स्थानीय कलाकारों ने लोक गायन, वादन, नृत्य की प्रस्तुति दी। परिसर में 51 हजार दीप एक साथ प्रज्ज्वलित किए गए। भव्य आतिशबाजी की गई। मुख्यमंत्री ने महाकालेश्वर मंदिर अन्न क्षेत्र में पत्नी साधना सिंह के साथ विधिवत पूजन-अर्चन कर और आरती की। नीलकंठ वन में स्थापित भगवान शिव की प्रतिमा नीचे खड़े होकर ढोल बजाया। सभी कलाकारों की प्रस्तुति को सराहा। कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर, उच्च शिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक पारस जैन, महापौर मुकेश टटवाल, खाड़ा परिषद के साधु-संत मंचासीन थे।Read More: रानी बाटड मैहर और अजय देव शर्मा पांढुर्णा के होंगे पहले कलेक्टर, सरकार ने किया पदस्थ
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