जांच कराने में डेंगू की पुष्टि हुई
जेपी अस्पताल के एमडी मेडिसिन डा. योगेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि, 35 वर्षीय एक युवक 18 अक्टूबर को दिखाने आया था। थकान और हरारत महसूस कर रहा था। बुखार नहीं था। फिर भी खून की जांच कराई तो पता चला कि, वह डेंगू पाजीटिव है। प्लेटलेट्स काउंट बहुत कम थी। वहीं सत्येश कुमार के दो भतीजों को कुछ दिनों से बुखार आ रहा था, जांच कराने में डेंगू की पुष्टि हुई। लेकिन उनको डेंगू जैसे लक्षण बिल्कुल नहीं थे।डाक्टर बोले, डेंगू के लक्षण अलग-अलग
डेंगू लगातार अपना रूप बदलता जा रहा है। एमडी मेडिसिन डा. योगेंद्र श्रीवास्तव बताते हैं कि, अब से 15 दिन पहले जो केस आ रहे थे, उन्हें बुखार के अतिरिक्त कोई गंभीर लक्षण नहीं थे। अब आने वाले मरीजों को तेज बुखार है, ऐसे मरीजों को ब्लीडिंग हो रही है। हाथों में चिठ्ठे पड़ रहे हैं। इसके साथ प्लेटलेट्स अचानक से कम हो रही है। जिसके कारण मरीज गंभीर हो रहा है। हमारी भी डेंगू के बदलते ट्रेंड पर नजर है।डेंगू बुखार के लक्षण
डेंगू का प्रमुख लक्षण होता है, तेज बुखार, जिसका तापमान 104 डिग्री फैरेनहाइट (40 डिग्री सेल्सियस) तक बढ़ सकता है।
डेंगू बुखार के कुछ मरीजों को पेट में दर्द और डायरिया भी हो सकता है।
कुछ मरीजों को डेंगू के साथ खांसी और सर्दी भी हो सकती है।
डेंगू इंफेक्शन से व्यक्ति काफी थक जाता है और अक्सर असमर्थ होता है।
डेंगू बुखार के लक्षणों में एक विशेषता है कि इसके साथ व्यक्ति की त्वचा पर लाल दाने निकल सकते हैं।
डेंगू के मरीजों को अक्सर जोड़ों में दर्द और सूजन हो सकती है, जिसे डेंगू के इसके लक्षण “डेंगू फीवर” कहा जाता है।
डेंगू बुखार से बचने के उपाए
स्थानीय जनसंचालन के निर्देशों का पालन करें।
अपने घर के आस-पास की जगहों पर पानी जमा न होने दें।
मच्छर काटने से बचने के लिए मच्छर नेट्स का उपयोग करें।
डेंगू बुखार से बचने के लिए अपने घर को साफ-सुथरा रखें।
स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर मच्छर प्रबंधन और डेंगू नियंत्रण के उपायों का समर्थन करें।
डेंगू वायरस मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है, इसलिए मच्छरों के काटने से बचें।
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