सब्जियों का स्वाद बढ़ाने वाला टमाटर आज आम लोगों के लिए खट्टा साबित होता दिख रहा है। सलाद से तो टमाटर ऐसे गायब हो गया जैसे बैल के सिर से सींग। ये इसलिए क्योंकि मार्केट में टमाटर ने एक बार फिर अपनी वैल्यू बढ़ा ली है। अब टमाटर 100 से 115 रुपए किलो तक पहुंच गया है।
जानें अचानक क्यों बढ़े टमाटर के दाम
आपको बता दें कि, टमाटर की आवक कम होने और मोहर्रम की छुट्टी के चलते टमाटर खूब बिका। जमकर बिकने के बाद इसकी डिमांड बढ़ गई और मार्केट में आवक कम हो गई। इसके चलते रेट में बढ़ोत्तरी हो गई। इसके इलावा महाराष्ट्र में ज्यादा बारिश होने के कारण टमाटर की फसल खराब हो गई है। इसके चलते टमाटर की सप्लाई प्रभावित हुई है। बता दें कि, एमपी के इंदौर में महाराष्ट्र के संगमनेर और नारायण गांव के अलावा बेंगलुरु से टमाटर आ रहा है।
मंडियों को महाराष्ट्र के टमाटर पर निर्भर होना पड़ रहा है
टमाटर व्यापारी ने बताया है कि, इंदौर में अप्रैल से मई महीने तक राजस्थान के कोटा से टमाटर की पूर्ति की जाती है। इसके बाद मई आखिरी से जून-जुलाई तक हिमाचल और पंजाब से टमाटर आता है। व्यापारी ने अपने बयान में आगे बताया है कि, इंदौर को जुलाई से अक्टूबर महीने तक टमाटर के लिए महाराष्ट्र और बेंगलुरु पर निर्भर रहना पड़ता है। बता दें कि, इस समय देश भर की मंडियों को महाराष्ट्र के टमाटर पर निर्भर होना पड़ रहा है।
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