मध्य प्रदेश में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने है। विधानसभा चुनाव से पहले तबादलों का दौर जारी है। रविवार देर रात 18 IAS अफसरों का ट्रांसफर किया गया है। वहीं चुनाव को देखते हुए सियासत जारी है। कांग्रेस ने तबादलों की लिस्ट पर सवाल उठाया है। साथ ही अधिकारियों को भी चेतावनी दी है।
ऐसी क्या जरूरत आन पड़ी
कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने सवाल उठाते हुए कहा कि, चुनाव को हारता देख हर कोशिश की जा रही है। रविवार को 18 IAS के ट्रांसफर कर दिए गए, ऐसी क्या जरूरत आन पड़ी की आधी रात में तबादलों की लिस्ट निकालनी पड़ी। आधी रात को चोरी छिपे इन्होंने कलेक्टरों को बदला। साफ है कि चाहे कितने भी प्रशासनिक जमावट कर लें, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी भी समझ लें। चुनाव अभी आया है फिर चला जाएगा और 3 महीने बाद कांग्रेस की सरकारी बन रही है।
मध्य प्रदेश में रोज लूट चल रही
कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने कहा कि जिसने भी गड़बड़ करने की कोशिश की, उसे भी देख लिया जाएगा। सरकार सिर्फ चुनावी जमावट कर रही है और मूल मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही है। स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश में रोज लूट चल रही है। सरकार जनता के मूल मुद्दों से भटकी हुई है।
प्रशासनिक जमावट का क्रम जारी
बताते चले कि, मध्यप्रदेश में नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए नए सिरे से प्रशासनिक जमावट का क्रम जारी है । इस कड़ी में कमिश्नर और कलेक्टर जैसे आला मैदानी अमले को भी बदलने का दौर शुरू हो गया है। राज्य सरकार ने रविवार देर रात बड़ी फेरबदल की। दो अलग-अलग आदेश जारी कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के 18 अफसरों को इधर से उधर कर दिया है। पांच कलेक्टर और 4 संभागायुक्त के हुए तबादले।
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