मध्यप्रदेश के दूरस्थ अंचल से पैदल यात्रा करके मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने पहुंची बहना विमला। लाड़ली बहना विमला ने मुख्यमंत्री चौहान को राखी सौंपी। मुख्यमंत्री शिवराज ने मुहूर्त अनुसार राखी बंधवाने के लिए ग्रहण की और अपने हाथ से बहना को मिठाई खिलाई। मुख्यमंत्री ने प्रजापति दंपति को कहा कि वे छतरपुर उनके घर भी जरूर आएंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रजापति दंपत्ति को राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जायेगा।
छतरपुर घर तक पहुंचाने की व्यवस्था के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री निवास पहुचकर छतरपुर से भोपाल तक पैदल आए प्रजापति दंपत्ति ने मुख्यमंत्री श्री चौहान से भेंट की। सीएम शिवराज ने हरि प्रजापति और विमला प्रजापति को मुख्यमंत्री निवास में भोजन करवाया, उनका टीका किया। मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहन योजना की हितग्राही विमला प्रजापति और उनके पति हरि प्रजापति को वाहन द्वारा छतरपुर घर तक पहुंचाने की व्यवस्था के निर्देश दिए।
15 दिन में 400 कि.मी. से भी अधिक की दूरी तय की
बता दें कि बहन विमला ने 15 दिन में 400 कि.मी. से भी अधिक की दूरी तय की। प्रजापति दंपति ने बताया कि वे लाड़ली बहना योजना से प्रभावित होकर आभार व्यक्त करने पदयात्रा करते हुए भोपाल तक आए हैं। श्री हरि प्रजापति ने बताया कि छतरपुर से भोपाल पैदल आते हुए मार्ग में किसान और अन्य लोग मिलते थे तो हाथों में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की तख्ती देखकर जरूरी सहयोग भी करते थे। रास्ते में रात्रि विश्राम और भोजन के लिए अनेक लोगों ने सहयोग दिया। जब परिवार को योजना की पहली किश्त की राशि मिली थी तभी तय किया था कि राज्य शासन, विशेष रूप से मुख्यमंत्री शिवराज के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए पदयात्रा करेंगे।
ईंट भट्टे में कार्य करने वाले श्रमिक
हरि प्रजापति ने बताया कि वे ईंट भट्टे में कार्य करने वाले श्रमिक हैं। छतरपुर के वार्ड क्रमांक-8 सरानी दरवाजा के वे निवासी हैं। उनके पास अपना भू-खंड भी है। मजदूरी का काम भी चल रहा है लेकिन अपना स्वरोजगार प्रारंभ करने की इच्छा है। बुधवार को मुख्यमंत्री से मिलकर यह अहसास हुआ कि वे वास्तव में बहनों के भाई हैं। मुख्यमंत्री निवास में मेहमान की तरह सुविधाए मिलीं।
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