मध्य प्रदेश सरकार जनता की भलाई और सुशासन के लिए काम कर रही है। इसी कड़ी में अब मोहन सरकार ने अनाज की जमाखोरी पर नियंत्रण रखने के लिए नए नियम जारी किए हैं। प्रदेश सरकार ने अब गेहूं के स्टोरेज की सीमा तय कर दी है। मध्य प्रदेश का कोई भी व्यापारी 3000 टन से अधिक गेहूं का भंडारण नहीं कर सकेंगे। यह सीमा थोक व्यापारियों के लिए तय की गई है, जबकि फुटकर व्यापारी अभी भी 10 टन से अधिक गेहूं अपने पास नहीं रख सकेंगे।
जानकारी के अनुसार अगर किसी भी व्यापारी ने इस नियम का उल्लंघन किया तो भंडार में रखे गए गेहूं को जब्त कर दिया जाएगा। यह नियम 31 मार्च 2025 तक लागू रहेगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने आदेश जारी करके स्टोरेज की अधिकतम सीमा निर्धारित करने की अधिसूचना जारी की है।
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश में अनाज के भंडारण के लिए नए नियम लागू किए हैं। इसके अनुसार व्यापारी अब सरकार की तय क्षमता से अधिक अनाज का भंडारण नहीं कर सकते हैं। इस क्षमता को क्रॉस करने पर उसका भंडार सरकार जब्त कर लेगी।
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