रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। राजेंद्र पप्पू बंजारे ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को भाजपा जनप्रतिनिधियों के साथ किसी भी मंच पर साझा उपस्थिति से दूर रहने को कहा है।
जिलाध्यक्ष ने जारी किया सख्त निर्देश
रायपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि कोई भी कांग्रेस नेता या कार्यकर्ता किसी भी कार्यक्रम, समारोह या सार्वजनिक आयोजन में भाजपा जनप्रतिनिधियों के साथ मंच साझा नहीं करेगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस निर्देश का उल्लंघन करने वालों पर संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रमों में भागीदारी पूरी तरह वर्जित
जारी आदेश के मुताबिक,
- भाजपा नेताओं के साथ मंच साझा करना प्रतिबंधित रहेगा
- संयुक्त कार्यक्रमों में भाग लेना पूरी तरह वर्जित है
- नियम तोड़ने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी
इस फैसले को संगठन में अनुशासन बनाए रखने के तौर पर देखा जा रहा है।
BJP सांसद का पलटवार
इस पूरे मामले पर भाजपा की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। सांसद संतोष पांडे ने कांग्रेस के इस फैसले पर तीखा बयान देते हुए कहा कि यह निर्णय पार्टी के भीतर की घबराहट को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यह “दीपक बैज का रोका-छेका है” और कांग्रेस पार्टी में भगदड़ मची हुई है।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
इस घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। जहां कांग्रेस इसे संगठनात्मक अनुशासन का मामला बता रही है, वहीं भाजपा इसे कांग्रेस की अंदरूनी कमजोरी के रूप में पेश कर रही है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस आदेश का जमीनी स्तर पर कितना असर पड़ता है और क्या इससे दोनों दलों के बीच राजनीतिक दूरी और बढ़ती है।