बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र आगे बढ़कर अब छत्तीसगढ़ पर सक्रिय हो गया है। मानसून द्रोणिका भी मध्यप्रदेश के रायसेन से होकर गुजर रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इन मौसम प्रणालियों के असर से भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, शहडोल, इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभाग के जिलों में कई स्थानों पर वर्षा की संभावना है।
इन संभागों में हो सकती है भारी बारिश
विशेषकर इंदौर, उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हो सकती है। रीवा, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में भी गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं मध्यम स्तर की वर्षा होने के आसार हैं। वहीं, मंगलवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक बैतूल में 24, धार एवं नर्मदापुरम में 11, रायसेन में पांच, उज्जैन में चार, रतलाम, सिवनी एवं पचमढ़ी में तीन, गुना एवं मलाजखंड में दो, भोपाल में 1.2, छिंदवाड़ा में 0.6, इंदौर में 0.2 और मंडला में 0.1 मिलीमीटर वर्षा हुई।
रायसेन से होकर गुजर रही मानसून द्रोणिका
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में मानसून द्रोणिका रायसेन से होकर गुजर रही है। एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू कश्मीर पर बना हुआ है। कम दबाव का क्षेत्र दक्षिणी छत्तीसगढ़ पर मौजूद है। इसके अतिरिक्त गुजरात से लेकर केरल तक एक अपतटीय द्रोणिका बनी हुई है।
अरब सागर से नमी आने का सिलसिला जारी
अलग-अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों के असर से बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी आने का सिलसिला बढ़ गया है। इस वजह से प्रदेश में रुक-रुककर वर्षा हो रही है।
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