मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने मकर संक्रांति पर्व को महिला सशक्तिकरण सप्ताह के रूप में मनाने के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा है कि "10 से 15 जनवरी तक मनाए जाने वाले महिला सशक्तिकरण सप्ताह के दौरान सभी विभागों के माध्यम से महिलाओं को उन सभी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा, जो बीजेपी सरकार की ओर से चलाई जा रही है।" लोकसभा चुनाव के पहले मकर संक्रांति का पर्व मध्य प्रदेश सरकार के लिए बेहद खास हो गया है।
15 जनवरी तक मनाया जायेगा महिला सशक्तिकरण सप्ताह
गौरतलब है कि कुछ ही महीनों में लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं। लोकसभा चुनाव से पहले मकर संक्रांति को हिंदुओं का सबसे बड़ा महापर्व माना जा रहा है। मध्य प्रदेश की सरकार ने इस पर्व को अपने ही अंदाज में मनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ऐलान किया है कि 15 जनवरी तक महिला सशक्तिकरण सप्ताह के रूप में घर-घर और गांव-गांव तक सरकार की योजनाएं पहुंचाई जाएंगी। महिला बाल विकास विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों के प्रमुख अधिकारियों को भी निर्देश जारी किये गए हैं।मकर संक्रांति पर सुहाग की सामग्री वितरित करना काफी शुभ: सीएम डॉक्टर मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भोपाल में महिलाओं को सुहाग की सामग्री वितरित की और कहा कि "ऋषि मुनियों द्वारा हर पर्व का प्रकृति से संबंध जोड़ा गया है। मकर संक्रांति का पर्व अलग-अलग प्रकार से जरूर मनाया जाता है, मगर सभी का कहीं ना कहीं महिलाओं से सीधा संबंध रहता है। मकर संक्रांति पर्व पर सुहाग की सामग्री वितरित करना काफी शुभ माना जाता है।"'गुड़-तिल की खाई जाती है मिठाई'
इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा कि "गुड़ और तिल सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसीलिए गुड़ और तिल से बनी मिठाई इसी मौके पर खाई जाती है।" उन्होंने कहा कि "सूर्य का मकर संक्रांति से उत्तरायण होता है। मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायण होने के कारण दिन तिल तिल बड़ा होता जाता है।"Read More: लाडली बहना योजना पर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया आरोप
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