मोबाइल सेवा की तरह मध्य प्रदेश में अब बिजली का भी प्री-पेड सिस्टम नजर आएगा। नए साल में इसकी शुरुआत इंदौर से होने जा रही है। फरवरी-मार्च से इंदौर के विद्युत उपभोक्ताओं को प्रीपेड भुगतान करने की सुविधा मिलने लगेगी। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने प्री-पेड सिस्टम और टैरिफ प्लान को मंजूरी दे दी है। इसके साथ सभी वितरण कंपनियों द्वारा इसे लागू करने का रास्ता खुल गया है।
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी करेगी शुरुआत
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इसे अमल करने की तैयारी में जुट गई है। इंदौर में सबसे ज्यादा स्मार्ट मीटर लग चुके हैं, लिहाजा इस प्रोजेक्ट की शुरुआत यहीं से होगी। इस नई व्यवस्था में उपभोक्ता को प्रति यूनिट 25 पैसे का लाभ मिलेगा। उपभोक्ताओं के लिए यह सुविधा वैकल्पिक रहेगी।
प्री-पेड बिजली सिस्टम को टैरिफ प्लान में शामिल करने के लिए विद्युत वितरण कंपनियों ने विद्युत नियामक आयोग के सामने याचिका प्रस्तुत की थी। नियामक आयोग ने सिस्टम लागू करने के दिशा-निर्देश बिजली कंपनियों को भेज दिए हैं।
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार प्री-पेड बिजली सिस्टम स्मार्ट मीटर से लैस उपभोक्ताओं के लिए रहेगा। हालांकि यह वैकल्पिक होगा। यानी इसे अपनाने या पुरानी व्यवस्था में बने रहना उपभोक्ता की इच्छा पर निर्भर होगा। कंपनी के अनुसार जो उपभोक्ता इस विकल्प को चुनेंगे वे आवेदन देकर इसे शुरू करवा सकेंगे।
उपभोक्ता और कंपनी दोनों को इससे लाभ
प्री-पेड सिस्टम लागू करने की तैयारी है। केंद्र की प्राथमिकता में भी प्री-पेड बिजली वितरण शामिल है। स्मार्ट मीटर में सबसे आगे बनी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी प्री-पेड में भी अव्वल रहेगी। उपभोक्ता व वितरण कंपनी दोनों को इससे लाभ मिलेगा।
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