भोपाल | पुलिस कमिश्नरेट में कामकाज को अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक नई पहल शुरू की गई है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के निर्देश पर शहर के चुनिंदा थानों में “टू आईसी” (Two Inspector-in-Charge) मॉडल लागू किया जा रहा है।
क्या है ‘टू आईसी’ मॉडल?
इस मॉडल के तहत एक ही थाने में दो निरीक्षक (थाना प्रभारी) एक साथ पदस्थ रहेंगे और समन्वय के साथ कार्य करेंगे। इसका उद्देश्य मामलों के त्वरित निराकरण के साथ बेहतर प्रशासनिक नियंत्रण और पुलिसिंग में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाना है
पायलट प्रोजेक्ट: पहले चरण की शुरुआत
- पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले चरण में दो थानों में यह व्यवस्था लागू की गई है-
- थाना निशातपुरा: निरीक्षक अनिल यादव
- थाना हबीबगंज: निरीक्षक नीतू कुंसारिया
- इन दोनों थानों में निरीक्षकों को “टू आईसी” के रूप में पदस्थ किया गया है।
अगले चरणों में और थानों तक विस्तार
- कमिश्नरेट प्रशासन के अनुसार, इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से अन्य थानों में भी लागू किया जाएगा-
- दूसरा चरण: थाना कोहेफिजा और थाना पिपलानी
- तीसरा चरण: थाना शाहजहानाबाद और थाना छोला मंदिर
क्यों जरूरी थी यह पहल?
बढ़ती आबादी, अपराध के मामलों और प्रशासनिक दबाव को देखते हुए एकल थाना प्रभारी पर कार्यभार बढ़ रहा था। टू आईसी मॉडल से पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार के साथ जनता को त्वरित राहत मिलेगी और अधिकारियों के बीच बेहतर कार्य विभाजन होने से जनता क़ो बेहतर पुलिसिंग का लाभ मिलने की उम्मीद है। भोपाल पुलिस कमिश्नरेट की यह पहल शहरी पुलिसिंग में एक नया प्रयोग मानी जा रही है। यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा, तो आने वाले समय में यह मॉडल अन्य थानों और शहरों में भी लागू किया जा सकता है।