अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर विवादित बयान देकर वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए भारत और चीन को “हेल होल” यानी “नरक का द्वार” बताया है। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया की संभावना बढ़ गई है।
जन्म आधारित नागरिकता पर सीधा हमला
ट्रंप ने अमेरिका की बर्थ सिटिजनशिप पॉलिसी (जन्म के आधार पर नागरिकता) को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि कई प्रवासी देशों के लोग अमेरिका में आकर बच्चों को जन्म देते हैं, जिससे उन्हें नागरिकता मिल जाती है और बाद में पूरा परिवार अमेरिका आ जाता है।
कैलिफोर्निया के टेक सेक्टर पर भी टिप्पणी
अपने बयान में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के कैलिफोर्निया जैसे राज्यों में टेक सेक्टर पर भारत और चीन के लोगों का दबदबा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे स्थानीय नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं और भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रह गई है।
अदालतों और संस्थाओं पर भी उठाए सवाल
ट्रंप ने यह भी कहा कि इस मुद्दे का समाधान अदालतों या कानूनी संस्थाओं से नहीं बल्कि देशव्यापी वोटिंग से होना चाहिए। उन्होंने अमेरिकी नागरिक अधिकार संगठनों पर भी निशाना साधते हुए उन पर अवैध प्रवासियों को समर्थन देने का आरोप लगाया।
अमेरिकी नागरिकता नीति की जड़ें
अमेरिका में जन्म आधारित नागरिकता की शुरुआत 1868 के 14वें संशोधन से मानी जाती है, जिसका उद्देश्य गुलामी से मुक्त हुए लोगों को नागरिकता देना था। लेकिन समय के साथ इसका दायरा सभी बच्चों तक बढ़ गया, चाहे उनके माता-पिता की नागरिकता कुछ भी हो।
‘बर्थ टूरिज्म’ पर भी बहस तेज
विशेषज्ञों के अनुसार कई लोग इस व्यवस्था का फायदा उठाकर अमेरिका में बच्चों को जन्म दिलाते हैं, जिसे “बर्थ टूरिज्म” कहा जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक लाखों भारतीय बच्चों को इस नियम के तहत अमेरिकी नागरिकता मिली है।