भोपाल | मध्यप्रदेश ने वर्षा जल संरक्षण के क्षेत्र में देशभर में अपनी सशक्त पहचान बनाई है। जल संचय, जनभागीदारी अभियान की ताजा रैंकिंग में प्रदेश के डिंडोरी जिले ने देश में पहला और खंडवा जिले ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री के वर्षा जल संरक्षण के आह्वान और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान का परिणाम है।
मिशन मोड में चल रहा जल गंगा संवर्धन अभियान
प्रदेश सरकार द्वारा 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जल गंगा संवर्धन अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन करना, भूजल स्तर को बढ़ाना और पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना है। यह अभियान पूरे प्रदेश में मिशन मोड में लागू किया गया है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जल संरक्षण कार्य
अभियान के अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खेत तालाब, कूप रिचार्ज पिट, अमृत सरोवर, बोरवेल रिचार्ज सिस्टम, रिचार्ज शाफ्ट और रूफटॉप वर्षा जल संचयन जैसी संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही पुराने जलाशयों, तालाबों और गड्ढों का पुनरुद्धार भी किया जा रहा है।
डिंडोरी में सर्वाधिक 1.23 लाख से अधिक जल संरचनाएं
जल संचय, जनभागीदारी अभियान के राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी एवं आयुक्त अवि प्रसाद ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा डैशबोर्ड के माध्यम से प्रदेश में किए जा रहे कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। 22 अप्रैल की रैंकिंग के अनुसार डिंडोरी जिले में 1 लाख 23 हजार से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कर देश में प्रथम स्थान हासिल किया गया है।
खंडवा को देश में दूसरा स्थान
खंडवा जिले में भी वर्षा जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। जिले में अब तक 87 हजार से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिसके चलते खंडवा को देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
प्रदेश में अब तक 3.97 लाख से अधिक जल संरचनाएं
मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत अब तक 3 लाख 97 हजार से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। यह प्रदेश के जल संरक्षण प्रयासों की व्यापकता और प्रभावशीलता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री का संदेश बना प्रेरणा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संदेश — “जहां गिरे, जब गिरे, वर्षा जल का संग्रह करें” — इस अभियान की मूल प्रेरणा है। इसी दृष्टिकोण के अनुरूप भारत सरकार द्वारा जल शक्ति अभियान: कैच द रेन के अंतर्गत 6 सितंबर 2024 से जल संचय, जनभागीदारी अभियान प्रारंभ किया गया है।
जनभागीदारी से मजबूत हो रहा जल संरक्षण
अभियान का प्रमुख उद्देश्य जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाना है। इसके लिए कम लागत वाली वैज्ञानिक तकनीकों के साथ जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विभिन्न संस्थाओं, संगठनों और नागरिकों को जल संरक्षण कार्यों से जोड़ा जा रहा है, साथ ही जागरूकता और शिक्षा के माध्यम से जल के कुशल उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
जल संचय, जनभागीदारी अभियान जल संकट जैसी चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक प्रभावी और दीर्घकालिक पहल है, जो सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से जल सुरक्षा सुनिश्चित करने का सशक्त आधार तैयार कर रहा है।