जबलपुर: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने दिव्यांग बच्चों को स्कूल से निकाले जाने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने जिला शिक्षा अधिकारी से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है।
स्कूलों से मांगी पूरी जानकारी
हाईकोर्ट ने शहर के सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या और स्थिति से जुड़ी पूरी जानकारी पेश करने के निर्देश दिए हैं।
इन स्कूलों पर लगे आरोप
शहर के विजडम वैली स्कूल और जीडी गोयनका इंटरनेशनल स्कूल पर दिव्यांग बच्चों को स्कूल से निकालने के आरोप लगे हैं। अदालत ने इस कार्रवाई को भेदभावपूर्ण रवैया माना है।
29 अप्रैल को अगली सुनवाई
मामले की सुनवाई अब चीफ जस्टिस की डबल बेंच में 29 अप्रैल को होगी, जहां अगली कार्यवाही तय की जाएगी।
जनहित याचिका पर सुनवाई
यह मामला जबलपुर निवासी सौरभ सुबैया द्वारा दायर जनहित याचिका के बाद सामने आया। याचिका में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के पालन पर सवाल उठाए गए हैं।
मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप
याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में कहा कि दिव्यांग बच्चों को जरूरी सुविधाएं न देना उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। साथ ही, शहर के 50 सरकारी और 200 निजी स्कूलों में विशेष शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उठाया गया।