भोपाल | राजधानी भोपाल के कलेक्टर रहे कौशलेंद्र विक्रम सिंह की मुख्यमंत्री सचिव के रूप में पदस्थापना के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में कामकाज का नए सिरे से बंटवारा कर दिया गया है। अधिकारियों की संख्या बढ़ने के चलते जिम्मेदारियों को स्पष्ट और प्रभावी ढंग से विभाजित किया गया है, ताकि प्रमुख योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों की मॉनिटरिंग सुचारु रह सके।
ACS नीरज मंडलोई के पास बड़े और रणनीतिक प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई के पास पहले की तरह समन्वय, तबादले और ए-प्लस मॉनिटरिंग रहेगी। इसके साथ ही सिंहस्थ, मध्य प्रदेश की टॉप-20 परियोजनाओं की समीक्षा और इंदौर व उज्जैन संभाग की प्रशासनिक जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास रहेगी।
आलोक सिंह को कैबिनेट और कृषि वर्ष की कमान
मुख्यमंत्री के सचिव आलोक सिंह को कैबिनेट कार्य और कृषि वर्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा वे भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग के प्रशासनिक कार्य भी देखेंगे।
विजिलेंस और घोषणापत्र मॉनिटरिंग कौशलेंद्र के जिम्मे
सचिव कौशलेंद्र विक्रम सिंह को CMO में विजिलेंस शाखा का प्रभारी बनाया गया है। वे संकल्प पत्र और घोषणापत्र की मॉनिटरिंग, सीएम डैशबोर्ड और आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
केंद्र से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी टी. इलैया के पास
सचिव टी. इलैया राजा को भारत सरकार के समक्ष लंबित मध्य प्रदेश के मामलों के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।
CMO में 10 IAS अफसर, इसलिए बदला गया ढांचा
कौशलेंद्र के आने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में आईएएस अधिकारियों की संख्या 10 हो गई है। एसीएस मंडलोई के अलावा चार सचिव, तीन अपर सचिव और एक उप सचिव आईएएस हैं। अन्य अधिकारियों को प्रमुख अफसरों के सहयोगी के रूप में जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
- राजनीतिक और अशासकीय कार्य अजात शत्रु श्रीवास्तव देखेंगे
- पूर्व आईएएस अजात शत्रु श्रीवास्तव को पॉलिटिकल मामलों की जिम्मेदारी दी गई है।
- जिलों की राजनीतिक व अन्य घटनाओं की रिपोर्टिंग
- विधायकों के साथ वीसी
- मुख्यमंत्री की अशासकीय बैठकें
- सीएम कॉन्क्लेव से जुड़े कार्य
सीएम निवास में भी अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
सीएम निवास में पदस्थ पूर्व आईएएस गोपालचंद डाड, आशीष गुप्ता, ऋषि पवार, योगेंद्र सिंह मोर्य और लोकेश चौहान भी निर्धारित कार्यों का निर्वहन करेंगे।
कौशलेंद्र विक्रम सिंह की एंट्री के बाद CMO में कामकाज का ढांचा अधिक स्पष्ट, केंद्रीकृत और परिणामोन्मुख बनाया गया है, ताकि बड़े आयोजनों, विकास परियोजनाओं और राजनीतिक समन्वय पर सीधी और प्रभावी निगरानी रखी जा सके।