लोकसभा चुनाव को लेकर सरकार का आदिवासी वोट बैंक पर पूरा फोकस है। राजनीतिक सम्मेलन के अलावा आदिवासी क्षेत्रों में सौगातों के तैयार मसौदे पर अब अमल शुरू हो गया है। सरकार ने प्रदेश के विशेष जनजाति क्षेत्र (पीवीजीटी) क्षेत्र में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 194 नई आंगनवाड़ी केंद्रों को खोलने का निर्णय लिया है। एमपी के 20 जिलों में खोले जाने वाली आंगनबाड़ी आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी।
बीमारियों की भी मानीटरिंग की जा सकेगी
महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसरों ने बताया कि यह आंगनबाड़ी प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) कार्यक्रम के तहत सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 में स्वीकृत कराई गई हैं। नवीन आंगनवाड़ी केंद्रों से विशेष जनजाति क्षेत्रों के बच्चों को उचित पालन-पोषण में सहायता मिलेगी। साथ ही जनजाति विशेष में होने वाली बीमारियों की भी मानीटरिंग की जा सकेगी। राज्य सरकार की मदद से इन आंगनबाड़ियों को मिनी स्मार्ट क्लास में भी तब्दील करने की रूपरेखा तैयार की गई है।
इन जिलों को मिली सौगात
प्रदेश के 20 जिलों में शिवपुरी में 34, श्योपुर में 33, शहडोल 23, उमरिया 23, गुना 14, डिंडोरी 12, अशोकनगर 10, अनूपपुर 7, मंडला 6, विदिशा 5, बालाघाट 5, ग्वालियर 5, दतिया 4, जबलपुर 3, सीधी 4, मुरैना 2 एवं कटनी, छिंदवाड़ा, भिंड और रायसेन में 1-1 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों को मिलाकर कुल 194 नवीन आंगनवाड़ी केंद्र खुलेंगे।
कांग्रेस ने निशाना साधा
सरकार के इस निर्णय पर कांग्रेस ने निशाना साधा। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अब्बास हाफिज ने कहा कि आदिवासियों के नाम पर सरकार सिर्फ राजनीति करती है। यही कारण है कि सालों से बदहाल विशेष जनजातियों की अब सरकार को याद आई है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों पर सर्वाधिक मामले दर्ज करने वाली बीजेपी सरकार है। इसके अलावा जनजाति विशेष समुदाय के लोगों के साथ अभद्रता के कई वीडियो भी बीजेपी नेताओं के सामने आ चुके हैं।
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