भोपाल - मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में आज लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय, शिवराज कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि, 31 अगस्त 2023 तक के बिजली के बढ़े हुए सभी बिल स्थगित किये जाएंगे। इसके अलावा
सावन माह में रु. 450 में गैस सिलेंडर दिए जाने को लेकर मंजूरी दी गई।
आशा कार्यकर्ताओं की राशि को 6,000 करने की मंजूरी दी गई
शिवराज कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि, उज्जवला योजना के अंतर्गत डीबीटी के माध्यम से राशि डाली जाएगी। आशा कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि को रु. 2,000 से बढ़ाकर रु. 6,000 करने की मंजूरी दी गई, प्रतिवर्ष रु. 1,000 की बढ़ोतरी होगी। आशा पर्यवेक्षकों की प्रोत्साहन राशि को रु. 350 से बढ़ाकर रु. 500 करने और अधिकतम रु. 15,000 प्रतिमाह करने की मंजूरी दी गई। शहरी आशा पर्यवेक्षकों की सेवानिवृत्ति पर दी जाने वाली राशि को रु. 20,000 से बढ़ाकर रु. 1,00,000 करने की मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने गुर्जर कल्याण के लिए देव नारायण बोर्ड के गठन को मंजूरी दी गई
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक युवाओं के लिए ज़िला स्तर, संभाग स्तर और राज्य स्तर पर बड़े पैमाने पर खेलों का आयोजन किया जाएगा। मेधावी विद्यार्थी योजना की वार्षिक आय सीमा को रु. 6,00,000 से बढ़ाकर रु. 8,00,000 किया गया।
इसके साथ ही कैबिनेट ने फैसला लिया है कि, राज्य में कपास के व्यापरियों के मंडी शुल्क को 31-03-2024 तक के लिए घटाकर रु. 0.50 करने का निर्णय लिया गया। गुर्जर कल्याण के लिए देव नारायण बोर्ड के गठन को मंजूरी दी गई। नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और नगर निगमों में कायाकल्प योजना के अंतर्गत शहरों की सड़कों के समृद्धीकरण के लिए रु. 1,200 करोड़ की मंजूरी दी गई।
सतपुड़ा भवन के उन्नयन के लिए रु. 167.59 करोड़ की स्वीकृति दी गई
बैगा, भारिया और सहरिया जनजाति के लिए लाड़ली बहना योजना का लाभ देने का निर्णय लिया गया। रीवा जिले में नए अनुविभाग जवा का सृजन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए 12 पद स्वीकृत किये गए हैं और 100 पटवारी हलके शामिल करने का निर्णय लिया गया। पश्चिम भोपाल बाइपास में फोरलेन व पेव्ड शोल्डर में हाइब्रिड NOT मॉडल के तहत निर्माण करने का निर्णय लिया गया। रु. 2,981.65 करोड़ की लागत से 40.90 किमी रोड का निर्माण किया जाएगा। सतपुड़ा भवन के उन्नयन के लिए रु. 167.59 करोड़ की स्वीकृति दी गई। रतलाम के सैलाना और छतरपुर के लवकुशनगर में दो नवीन समूह नल जल योजनाओं को स्वीकृति दी गई।
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