कुल आचार्य पूजा : आज शारदीय नवरात्रि का अंतिम दिन है और नवरात्रि के नौवें दिन मां दुर्गा की 9वीं शक्ति माता सिद्धिदात्री की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना की जाती है। माता दुर्गा का यह स्वरूप सिद्ध और मोक्ष देने वाला है, इसलिए माता को मां सिद्धिदात्री कहा जाता है। इनकी पूजा अर्चना करने से सभी कार्य सिद्ध होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है
आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हुई। 9 दिन मां दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा अर्चना की जा रही है। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धा भाव की भावना के साथ भक्त मां दुर्गा की पूजा कर रहे हैं।
प्रियदर्शनी राजे ने कुल देवी देवताओं की पूजा अर्चना की
नवमी का पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर सिंधिया राजवंश की महारानी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया ने कुल देवी देवताओं की पूजा अर्चना की। राम नवमी के पर्व पर महाराज बाड़ा स्थित गोरखी देवघर में सिंधिया और उनकी पत्नी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया ने वाद्य यंत्रों के साथ राजशाही “कुल आचार्य” पूजन की।
कुल आचार्य पूजा वर्षों पुरानी बताई जाती है
आपको बता दें कि, यह पूजा सिंधिया राजवंश के पुरोहित ने कराई। इसके साथ ही पूजन कर महारानी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया ने कन्या भोज भी कराया। सिंधिया राजवंश की महारानी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया हर वर्ष अष्टमी और रामनवमी पर पूजा अर्चना कर कुलगुरु का आशीर्वाद लेती है। यह परंपरा वर्षों पुरानी बताई जाती है।
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