मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का विस्तार करके अब इसमें मध्यर प्रदेश के तीर्थ स्थलों को भी शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंत्रालय में योजना की समीक्षा के अवसर पर यह निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा, धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग ऐसे स्थलों का अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करे। मध्यक प्रदेश के स्थानों की यात्रा से जहां बुजुर्ग यात्रियों को अपने ही प्रदेश के प्रसिद्ध स्थान देखने और देव दर्शन का अवसर मिलेगा, वहीं प्रदेश की अर्थव्यवस्था की दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देव स्थलों को सुविधायुक्त बनाएं। राम राजा की नगरी ओरछा, शारदा माता के स्थान मैहर, बड़ा महादेव मंदिर, चौरागढ़ महादेव, जटा शंकर पचमढ़ी पर व्यवस्थाएं बेहतर की जाएं।
वर्ष 2012 से प्रारंभ हुई मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत आठ लाख श्रद्धालुओं ने तीर्थ दर्शन किया है। इस वित्त वर्ष में वाराणसी, अयोध्या, रामेश्वरम, द्वारका, जगन्ना थपुरी, कामाख्या, शिर्डी, हरिद्वार, मथुरा-वृंदावन, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की दीक्षा भूमि (नागपुर) और स्वर्ण मंदिर अमृतसर के लिए 35 ट्रेनों की व्यवस्था कराई जाएगी। वर्ष 2023-24 से वायुयान द्वारा तीर्थ यात्रा भी शुरू की गई है जिसका लाभ 790 तीर्थ यात्रियों को मिला है।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का विस्तार करके अब इसमें मध्यद प्रदेश के तीर्थ स्थलों को भी शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंत्रालय में योजना की समीक्षा के अवसर पर यह निर्देश दिए हैं।
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