विधायक बनने से खाली हुए जबलपुर, अशोकनगर, खंडवा और सीहोर के जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर चुनाव में भाजपा को एकतरफा जीत मिली। खंडवा में पिंकी वानखेड़े को लॉटरी से तो सीहोर में रचना मेवाड़ा और जबलपुर में आशा गोंटिया निर्विरोध चुनी गईं। अशोक नगर में अजय प्रताप नौ वोट से जीते। पहले चुनाव 30 दिसंबर को होना था, पर निर्वाचन आयोग ने पहले सदस्यों के चुनाव कराने के लिए इसे रीशिड्यूल किया।
जबलपुर: कांग्रेस का दावा ही नहीं
डेढ़ माह पहले कांग्रेस से भाजपा में आईं आशा जबलपुर जिपं अध्यक्ष बनीं। पद एसटी रिजर्व था। आशा और एकता ठाकुर के भाजपा में जाने से कांग्रेस में इस वर्ग का कोई प्रत्याशी नहीं था।
खंडवा: किस्मत से हारी कांग्रेस
एससी रिजर्व जिपं अध्यक्ष पर कांग्रेस के नानकराम व भाजपा की पिंकी वानखड़े में मुकाबला था। एक निर्दलीय समेत भाजपा के पास 10 सदस्य थे। क्रॉस वोटिंग से मुकाबला टाई हुआ तो लॉटरी में पिंकी जीतीं।
अशोकनगर: मां के बाद अध्यक्ष
105 दिन कांग्रेस में रहकर भाजपा में लौटे अजय 9 वोट लेकर अध्यक्ष बने। सिंधिया समर्थक बबीता को 2 वोट मिले। कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त रह चुके अजय प्रताप की मां भी अध्यक्ष थीं।
सीहोर: दूसरा दावेदार भी भाजपाई
भाजपा समर्थित रचना मेवाड़ा को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। रचना कुछ दिन पहले भी कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुईं। दूसरा दावेदार भी भाजपा समर्थित ही था।
Comments (0)