मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उज्जैन कलेक्ट्रेट में शिप्रा शुद्धिकरण के संबंध में समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में देवास, इंदौर और उज्जैन कलेक्टर सहित तीनों जिले के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि हर हाल में हमें शिप्रा को प्रवाहमान करना है। शिप्रा में मिल रहा गंदा पानी हर हाल में बंद हो। देवास में नदी में मिल रहा औद्योगिक वेस्ट रोका जाएं।
छोटे स्टॉप डैम बनाए
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा इंदौर से उज्जैन के बीच में छोटे स्टॉप डैम बनाकर शिप्रा में मिलने वाले गंदे पानी को रोके। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने अधिकारियों को दिए निर्देश। उज्जैन के सीवेज के टाटा प्रोजेक्ट की पुनः समीक्षा करें और इसकी मॉनिटरिंग के लिए कंसलटेंट नियुक्त करें। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन शहर के कचरा प्रबंधन में टेक्नोलॉजी का उपयोग करें। अभी शहर से 16 किलोमीटर दूर शहर का कचरा वेस्ट मैनेजमेंट के लिए ले जाया जा रहा है।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया जाये
मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्दे पानी के नाले एवं सीवरेज का पानी को रोकने के लिये सांवेर, रामवासा, पंथपिपलई, राघौपिपल्या में स्टापडेम बनाया जाये और यहां वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया जाये। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से साफ हुए पानी का उपयोग किसान सिंचाई के लिये करें, इसके लिये किसानों को समझाईश भी दी जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाल में गन्दा पानी शिप्रा में जाने से रोकना चाहिये। उन्होंने कहा कि साल दो साल में नई कॉलोनियां भी डेवलप होती हैं। वहां के सीवरेज के पानी की निकासी भी पर्याप्त व्यवस्था की जाये। वह पानी किसी भी स्थिति में शिप्रा नदी में न मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टापडेम का रख-रखाव, मरम्मत का कार्य एवं आवश्यकता पड़ने पर उसकी ऊंचाई बढ़ाने का काम प्राथमिकता से किया जाये। उक्त निर्देश मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने शिप्रा नदी संरक्षण एवं संवर्द्धन की बैठक में दिये। बताया गया कि कान्ह नदी पर पक्का स्टापडेम बनाने का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदावल में पम्पिंग स्टेशन है। पानी को स्टापडेम की ओर डायवर्ट किया जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांवेर पर ही गन्दे पानी को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एवं स्टापडेम बनाकर कंट्रोल कर लें तो शिप्रा शुद्ध रहेगी।
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