सिद्ध तीर्थ बागेश्वर धाम में बुंदेलखंड का महामहोत्सव 19 फरवरी से कलश यात्रा के साथ शुरू हो रहा है। रविवार को बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने प्रेस कांफ्रेंस कर आयोजन की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि धर्मान्तरण से बचाने आदिवासी बेटियों के विवाह कराए जा रहे हैं। जबकि दलित दूल्हों को घोड़े पर बैठने न देने की दबंगई को रोकने सभी दूल्हों को घोड़े पर बैठाकर दबंगई रोकी जाएगी। बाबा ने बताया कि 26 फरवरी को देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू 251 वर-वधू को सफल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद देंगी।
251 में से 108 आदिवासी बेटियां
बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर ने बताया कि 251 कन्या विवाह समारोह में 108 आदिवासी बेटियों का विवाह के लिए इसलिए चयन किया गया है। क्योंकि बुंदेलखंड में दबंग दलित दूल्हों को घोड़े पर बैठने नहीं देते साथ ही आदिवासी धर्मान्तरण का शिकार होते हैं जैसे अभी हाल में छतरपुर जिले का एक मामला सामने आया है। इसलिए सभी दूल्हों की घोड़ों पर बारात निकाली जाएगी।
वर-वधू पक्ष को भेंट की लहंगा-चुनरी, शेरवानी, टोपी
सभी 251 जोड़ों को बागेश्वर धाम बुलाकर महाराजश्री एवं पशु पालन राज्यमंत्री लखन पटेल ने शुरूआती सामग्री भेंट की। बेटी के लिए लहंगा-चुनरी, सैंडल, कंगन और दूल्हे के लिए शेरवानी तथा टोपी भेंट की है, ताकि वे एक दिन पहले ही तैयार होकर बागेश्वर धाम पहुंचेंगे। इस बार कन्या और वर पक्ष को 25 फरवरी को ही धाम बुलाया गया है ताकि वे किसी भी परेशानी से बच सकें।
राष्ट्रपति देंगी बेटियों को आशीर्वाद
26 फरवरी को बुंदेलखंड का ऐतिहासिक कन्या विवाह महोत्सव आयोजित हो रहा है। 251 वर-वधू को सफल वैवाहिक जीवन का राष्ट्रपति आशीर्वाद देंगी। इस दिन देश के प्रख्यात संत मंच पर उपस्थित रहेंगे। बाबा ने सभी को कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। बागेश्वर धाम के कार्यक्रम को वृहद रूप दिया गया है।
संत और खेल व सिनेमा जगत की हस्तियां आएंगीं
कार्यक्रम में देश के अनेक क्षेत्रों से साधु संतों का आगमन हो रहा है, जिसमें जगद्गुरू रामभद्राचार्य महाराज, मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्रदास महाराज, गोरीलाल कुंज वाले स्वामी किशोर दास महाराज, इंद्रेश उपाध्याय, पुण्डरीक गोस्वामी, गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज, चिदानंद स्वामी महाराज, बालक योगेश्वर दास महाराज, अयोध्या के संत राम दिनेश आचार्य महाराज, अभिरामाचार्य महाराज, अभयदास महाराज, हरिद्वार से रामदास महाराज, चिन्मयानंद बापूजी महाराज, गंगादास महाराज, गोपालमणि महाराज, संजय सलिल महाराज सहित अनेक संत पधार रहे हैं।