मध्य प्रदेश के 7.50 लाख कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिलेगा। अभी ये स्वास्थ्य बीमा के दायरे में नहीं थे। सभी को व्यक्तिगत बीमा कराना पड़ता था। परिवार में भी बीमारी पर अलग से खर्च होता है। बिल लगाने पर कुल खर्च की 10 से 15 फीसद राशि वापस मिलती, उसमें भी कई बार महीने लग जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीमा योजना का लाभ देने संबंधी घोषणा कर दी है। रवींद्र भवन में राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम के सम्मान में अभिनंदन समारोह रखा। इसमें संघ के महामंत्री जितेंद्र सिंह सीएम के सामने यह विषय लाए। मंच से ही सीएम ने ये घोषणा की।
पेंशनर भी हो सकते हैं शामिल
प्रदेश में पेंशनर भी लंबे समय से बीमा योजना की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने दावा किया कि सरकार ने पेंशनरों को भी इस लाभ के दायरे में शामिल करने का भरोसा दिया है।
कर्मचारियों की मांगों को अटकाया, लटकाया जाता था, ये ठीक नहीं
सीएम ने कहा, सरकार और कर्मचारी एक दूसरे के पूरक है। सरकारें निर्णय लेती हैं, कर्मचारी उसे नीचे तक पहुंचाते हैं। केंद्र कर्मचारियों को समय पर डीए दिया। अभी डबल इंजन की सरकार है। हम कैसे पीछे रहते। एचआरए, कुछ वर्षों से यह अटका था, इसे देखकर मन दुखी होता था। वो सारे अंतर, जिसे 9 साल तक अटकाने, लटकाने के काम होते थे, उन्हें देखकर दु:ख होता था। मैं समझता हूं यह उचित नहीं है। जिनका हक है, उन्हें समय पर देना चाहिए।
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