जबलपुर - मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के क्षेत्र में स्थित में चढ़ाई गई मिठाई का प्रसाद एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुआ। प्रसाद ग्रहण करने के बाद एक ही परिवार के 19 लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। इस घटना में 45 वर्षीय असिस्टेंट प्रोफेसर की मौत हो गई, जबकि सात लोगों का इलाज अब भी निजी अस्पतालों में जारी है।
नागपुर में इलाज के दौरान प्रोफेसर ने तोड़ा दम
बीमार लोगों में शामिल भेड़ाघाट निवासी इंद्रपाल पटेल, जो में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे, को गंभीर हालत में इलाज के लिए ले जाया गया था। रविवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार और क्षेत्र में शोक का माहौल है।
सुहागल कार्यक्रम के लिए खरीदी गई थी मिठाई
जानकारी के अनुसार, परिवार में सुहागल कार्यक्रम के अवसर पर एक स्थानीय मिष्ठान दुकान से लगभग चार किलो मिठाई खरीदी गई थी। इस मिठाई को पहले त्रिपुर सुंदरी मंदिर में अर्पित किया गया और बाद में परिवार के महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। कुछ ही घंटों में कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
19 लोग हुए फूड प्वाइजनिंग का शिकार
गुरुवार रात तक कुल 19 लोगों में उल्टी-दस्त और पेट दर्द के लक्षण सामने आए। इनमें छह बच्चे और 11 महिलाएं भी शामिल हैं। हालत बिगड़ने पर सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां से कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि सात लोगों का इलाज अभी भी जारी है।
खाद्य विभाग ने लिए सैंपल, रिपोर्ट का इंतजार
घटना के दो दिन बाद खाद्य विभाग की टीम ने संबंधित बीकानेर मिष्ठान दुकान से मिठाई के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। अधिकारियों के मुताबिक तीन से चार दिन में जांच रिपोर्ट आने की संभावना है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति स्थिर
फिलहाल रामरतन पटेल, बत्ती पटेल, दिलीप पटेल, रूपाली पटेल, कैलाश पटेल और नीरज पटेल निजी अस्पताल में उपचाररत हैं, जबकि विजय पटेल श्रीधाम हॉस्पिटल गोटेगांव में भर्ती हैं। डॉक्टरों के अनुसार सभी की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
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