मोहन यादव सरकार एक और बड़ी योजना पर काम कर रही है। यह योजना नदियों को जोड़ने की है। केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल के बाद, अब ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना शुरू होगी। इसके लिए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार के बीच एक समझौता यानी एमओयू होगा। इस समझौते पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव हस्ताक्षर करेंगे। इस परियोजना का लक्ष्य महाराष्ट्र के उत्तरी क्षेत्र और मध्य प्रदेश के दक्षिणी इलाकों में पानी पहुंचाना है। इससे नागपुर में पीने के पानी और छिंदवाड़ा में सिंचाई की समस्या दूर होगी। सरकार का कहना है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा भूजल पुनर्भरण प्रोजेक्ट होगा।
महाराष्ट्र के सीएम का एमपी दौरा
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस भी 10 मई को भोपाल में मौजूद रहेंगे। इस परियोजना से दोनों राज्यों में सिंचाई बढ़ेगी और पीने के पानी की उपलब्धता आसान होगी। इससे गुजरात को भी फायदा होगा। यह परियोजना मध्य प्रदेश के लंबे समय से चल रहे अंतर्राज्यीय जल-बंटवारे विवादों को सुलझाने की कोशिश का हिस्सा है। ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना में 31 टीएमसी पानी का उपयोग होगा।
एमपी के इन जिलों को फायदा
इस योजना से मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, बुरहानपुर और खंडवा जिले को फायदा होगा। अच्छी बात यह है कि इस परियोजना को पूरा करने के लिए किसी भी गांव को नहीं हटाया जाएगा। इसलिए लोगों को दूसरी जगह बसाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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