वर्ष 2023 में होने जा रहे मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में पहले किन्नर प्रत्याशी की एंट्री हो गई है। आम आदमी पार्टी ने छतरपुर जिले के बड़ामलहरा सीट से चंदा किन्नर उर्फ चंदा दीदी को प्रत्याशी बनाया है। प्रत्याशी बनते ही चंदा दीदी चुनावी मैदान में उतरकर प्रचार प्रसार में जुट गई है। बता दें वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में आधा दर्जन किन्नर प्रत्याशी मैदान में उतरे थे।
प्रचार-प्रसार अभियान में जुटी चंदा दीदी
आम आदमी पार्टी की और से प्रत्याशी बनते ही किन्नर चंदा दीदी ने प्रचार प्रसार अभियान की शुरुआत कर दी है। चंदा दीदी का मानना है कि मेरे समर्थन में जनता अपना प्यार न्यौछावर करेगी और मैं जनप्रतिनिधि बनकर उनके प्यार का कर्ज सेवा कार्यों से उतारूंगी। बता दें आम आदमी पार्टी ने किन्नर चंदा दीदी के कार्यों को देखते हुए प्रत्याशी बनाया है।
2018 में उतरे थे आधा दर्जन किन्नर प्रत्याशी
आपको बता दें अब नगरीय निकाय विधानसभा चुनाव में किन्नर प्रत्याशी पूरे दम खम से चुनावी मैदान में उतरेंगे। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भी आधा दर्जन किन्नर प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। इनमें अम्बाह विधानसभा सीट से नेहा, दमोह से रेहाना उर्फ शब्बो बुहा, कोतमा से शबनम कोल, जयसिंह नगर से शालू मौसी, होशंगाबाद से पांछी, इंदौर 2 से बाला चुनावी मैदान में थे, ये सभी प्रत्याशी निर्दलीय थे।
अपना दमख़म दिखा चुके हैं किन्नर प्रतिनिधि
बता दें राजनीति में किन्नर जनप्रतिनिधि अपना दमखम दिखा चुके हैं। वर्ष 1998 में शबनम मौसी शहडोल की तत्कालीन सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र से देश की पहली महिला किन्नर विधायक चुनी गई थी। इसी तरह वर्ष 2002 में कमला जान कटनी शहर की पहली किन्नर महापौर चुनी गई थीं। हालांकि कोर्ट के फैसले के चलते वे ज्यादा दिन महापौर नहीं रह सकीं। कमला जान ने 2009 में सागर से उन्होंने मेयर का चुनाव लड़ा और बीजेपी की सुमन अहिरवार को 43 हजार मतों से पराजित किया था। कोर्ट में चैलेंज किया गया और वे हार गईं।
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