गुना से आरोन जा रही सिकरवार बस में बुधवार रात करीब 8.30 बजे डंपर ने टक्कर मार दी। इसके बाद डीजल टैंक फटने से बस आग का गोला बन गई, जिसमें 13 यात्री जिंदा जल गए एवं 16 गंभीर रूप से घायल हैं। घायल यात्रियों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। इनमें से कुछ की हालत बेहद नाजुक है। बस में जिंदा जले हुए कुछ शवों को निकलने की कोशिश जारी थी। शव बुरी तरह जल जाने के कारण देर रात तक उनकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी।
बेटी को याद कर रो रही बुजुर्ग महिला
हादसे के बाद सभी यात्रियों के परिजन अस्पताल में अपने परिवार के लोगों को ढूंढने के लिए एकत्रित हो गए हैं।अस्पताल में भर्ती एक बुजुर्ग महिला रोते हुए अपनी बेटी को याद कर रही थी। बुजुर्ग महिला ने बताया कि बेटी इंदौर में पढ़ रही थी, जिसे हाल ही में गुना बुलाया था। लेकिन उसकी कोई जानकारी नहीं मिल रही है। इसके साथ ही बुजुर्ग महिला रोने लगती है, जिसे स्वजन ढांढस बंधाते जा रहे थे।
हादसे के शिकार हुए ये लोग
बस हादसे के घायलों में मोहन सिंह जाटव उम्र 35 साल निवासी बायपास रोड आरोन, रितु पत्नी विजय भील उम्र 19 साल निवासी सतनपुर बजरंगगढ़, गोराबाई पत्नी रामकृष्ण ओझा उम्र 40 साल निवासी वकील का बाड़ा आरोन, सविता बाई पत्नी सीताराम ओझा उम्र 40 साल निवासी बरवटपुरा आरोन, विनीता बाई पत्नी शिवचरण ओझा उम्र 38 साल निवासी सदर आरोन, निशा बाई पत्नी अजय ओझा उम्र 21 साल निवासी सदर आरोन, चंद्रपाल पुत्र हरनाथसिंह यादव उम्र 25 साल निवासी छीपोन बजरंगगढ़।
जांच के आदेश जारी
वहीं दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने दुख व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दिए है। बताया जाता है कि प्रतिदिन की तरह 32 सीटर सिकरवार बस बुधवार रात करीब आठ बजे गुना से आरोन के लिए रवाना हुई। अभी बस जिला मुख्यालय से करीब सात किमी दूर घूम घाटी पर पहुंची ही थी कि डंपर ने सामने से टक्कर मार दी। इसके बाद बस पलट गई और आग लग गई। इधर सूचना मिलते ही कलेक्टर तरुण राठी और एसपी विजय खत्री घटना स्थल पर पहुंचे और घायलों को एंबुलेंस और अन्य वाहनों से जिला अस्पताल पहुंचाया। अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य में देरी हुई तो देर रात पुलिस ने घटना स्थल पर उजाले के लिए चलित वाहन में रोशनी की व्यवस्था की।
मुख्यमंत्री ने की आर्थिक सहायता की घोषणा
मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बस दुर्घटना के जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही परिवहन विभाग के अधिकारियों से कहा है कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो यह सुनिश्चित किया जाए। दुर्घटना में मृतक के स्वजन को चार लाख और घायलों को पचास हजार रुपये आर्थिक मदद देने के निर्देश दिए हैं।
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