पश्चिमी विक्षोभ के कारण पिछले 24 घंटों के दौरान मालवा-निमाड़ में अनेक स्थानों पर कहीं तेज तो कहीं हल्की वर्षा हुई। रविवार सुबह से बादलों ने आसमान में डेरा जमा लिया था। दिनभर बादलों के साथ सूर्य की लुकाछिपी होती रही। कई स्थानों पर तेज वर्षा हुई। इससे गेहूं-चने की फसलों को लाभ तथा बुरहानपुर में केला और झाबुआ में टमाटर की फसल को खासा नुकसान बताया जा रहा है।
तुअर को भी नुकसान की आशंका है। प्रदेश में ठंड के सीजन का पहला मावठा गिरने से तापमान भी लुढ़क गया है। कई जिलों में रविवार-सोमवार की रात से रुक-रुककर वर्षा हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन-चार दिनों तक मौसम ऐसा ही रहेगा। सोमवार को भोपाल में अधिकतम तापमान में 6.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
यहां अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं इंदौर में पारा पांच डिग्री लुढ़का। इंदौर में तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। ग्वालियर में पारा 27.2 डिग्री तो जबलपुर में 23.5 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत से सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ का असर प्रदेश में दिखने लगा है।
प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ, ट्रफ लाइन और चक्रवाती हवाओं के असर से वर्षा का मजबूत सिस्टम सक्रिय हो गया है। इसका असर पश्चिमी हिस्से में ज्यादा है। 28-29 नवंबर को सिस्टम प्रदेश के पूर्वी हिस्से में पहुंचेगा। मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि अब सिस्टम आगे बढ़ेगा, इसलिए मंगलवार को चार डिग्री सेल्सियस तक तापमान बढ़ सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण पिछले 24 घंटों के दौरान मालवा-निमाड़ में अनेक स्थानों पर कहीं तेज तो कहीं हल्की वर्षा हुई। रविवार सुबह से बादलों ने आसमान में डेरा जमा लिया था। दिनभर बादलों के साथ सूर्य की लुकाछिपी होती रही। कई स्थानों पर तेज वर्षा हुई। इससे गेहूं-चने की फसलों को लाभ तथा बुरहानपुर में केला और झाबुआ में टमाटर की फसल को खासा नुकसान बताया जा रहा है।
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