जिला अध्यक्षों की नियुक्ति करने को लेकर प्रदेश भाजपा में जारी घमासान और बढ़ गया है। चार महानगर ग्वालियर, भोपाल, इंदौर और जबलपुर के दिग्गज नेताओं में एक राय नहीं बन पाना प्रमुख वजह बताई जा रही है। ये सभी महानगर शुरू से भाजपा नेताओं के पावर रहे हैं जहां से प्रमुख नेताओं ने एक-एक नाम भेजा है। ये चाहते हैं कि उनके भेजे नाम किसी भी कीमत पर न कटे। कोई एक-दूसरे के नामों पर सहमति देने को भी तैयार नहीं है। सूत्रों के मुताबिक दिग्गजों की लड़ाई में उन 45 जिलों के प्रस्तावित अध्यक्षों के नाम भी फंसे हुए हैं, जहां लगभग सहमति बन गई है। यदि देरी होती है तो फिर मामला बिगड़ सकता है। केंद्रीय नेतृत्व ने पांच जनवरी की डेडलाइन तय की थी। अब सोमवार रात तक सूची आ सकती है, लेकिन विवाद वाले जिले व कुछ महानगर छूट सकते हैं।
आज रात तक दिल्ली से आ सकती है भाजपा जिला अध्यक्षों की लिस्ट,जिला अध्यक्षों की नियुक्ति करने को लेकर प्रदेश भाजपा में जारी घमासान और बढ़ गया है।
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