मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर संवेदनशील, मानवीय और प्रतिबद्ध नेतृत्व का परिचय देते हुए अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेटर व मध्यप्रदेश की प्रतिभावान खिलाड़ी क्रांति गौड़ से किए वादे को निभाते हुए उनके पिता श्री मुन्ना सिंह की वर्षों से निलंबित नौकरी को सोमवार को पुनः बहाल करवा दिया है। यह निर्णय न केवल एक परिवार के लिए राहत लेकर आया है बल्कि सरकार की संवेदनशीलता, खिलाड़ियों के प्रति सम्मान और न्यायप्रिय दृष्टिकोण का स्पष्ट उदाहरण है।
सम्मान समारोह में दिया गया आश्वासन हुआ पूरा
गौरतलब है कि विगत दिनों महिला वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद आयोजित सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रदेश की प्रतिभाशाली क्रिकेटर क्रांति गौड़ से उनके पिता की नौकरी बहाल करने का आश्वासन दिया था। जिसे उन्होंने नियमों के तहत निभाया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार पुलिस मुख्यालय द्वारा मुन्ना सिंह को पुनः सेवा में बहाल कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि मुन्ना सिंह, जो मध्यप्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे, वर्ष 2012 में चुनावी ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही के कारण निलंबित कर दिए गए थे। बीते 13 वर्षों से लंबित यह मामला अब मुख्यमंत्री की पहल से सकारात्मक समाधान तक पहुँचा है।
क्रांति गौड़ का सपना हुआ साकार
इस निर्णय से गौड़ परिवार को न केवल आर्थिक और सामाजिक संबल मिला है बल्कि क्रांति गौड़ का वह सपना भी साकार हुआ है, जिसमें वे अपने पिता को सम्मानपूर्वक पुलिस वर्दी में सेवानिवृत्त होते देखना चाहती थीं।
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