मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच (Nirmala Buch) का 9 जुलाई को निधन हो गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव स्व.श्रीमती निर्मला बुच के अंतिम दर्शन किए एवं पुष्प चक्र अर्पित किया। मुख्यमंत्री शिवराज ने अरेरा कॉलोनी स्थित उनके निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा परिजनों से शोक संवेदना व्यक्त कर ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि श्रीमती बुच ने यशस्वी जीवन जिया। बहुमुखी प्रतिभा की धनी श्रीमती बुच को उनके कुशल नेतृत्व और संवेदनशील व्यक्तित्व के लिए प्रदेश के प्रभावी प्रशासकों की अग्रिम पंक्ति में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
चीफ सेक्रेटरी इकबाल सिंह बैंस ने दी श्रद्धांजलि
सीएम शिवराज सिंह चौहान के साथ चीफ सेक्रेटरी इकबाल सिंह बैंस निर्मला बुच के घर पहुंचे। जहां पर निर्मला बुच के पार्थिक शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित की। इसके साथ ही भोपाल के कलेक्टर आशीष सिंह के साथ कई आईएएस और वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदेश की पहली महिला सीएस निर्मला बुच को अपनी श्रद्धांजलि दी।
निर्मला बुच के निधन के समाचार से मन दुःखी
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने निर्मला बुच के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया कि, मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच के निधन के समाचार से मन दुःखी है। उनकी कर्तव्यनिष्ठा और प्रशासनिक दक्षता अद्भुत थी। मैं ईश्वर से दिवंगत की आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं। दुःख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं परिजनों के साथ हैं। ।। ॐ शांति ।।
सामाजिक क्षेत्र में रही महत्वपूर्ण भूमिका
श्रीमती बुच ने देवास और उज्जैन ज़िलों की कलेक्टर रहने के बाद मध्य प्रदेश शासन में कई महत्वपूर्ण पद संभाले। विकास आयुक्त रहते हुए पाँच वर्ष के लंबे कार्यकाल में ग्रामीण विकास में उनका विशेष योगदान रहा। श्रीमती बुच प्रमुख सचिव गृह एवं श्री सुन्दरलाल पटवा के मुख्यमंत्री काल के दौरान सितंबर 1991 से जनवरी 1993 तक मुख्य सचिव रहीं। वे भारत सरकार में संयुक्त सचिव (समाज कल्याण) और सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय रहीं। शासकीय सेवानिवृत्ति के बाद श्रीमती बुच सामाजिक सेवा, विशेषकर महिला विकास के क्षेत्र में व्यस्त रहीं। उन्होंने महिला चेतना मंच नामक संस्था की स्थापना कर उल्लेखनीय कार्य किया।
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