प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 130वें संस्करण में भारतीय विनिर्माण और उत्पादन संस्कृति पर गहराई से बात की। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब गुणवत्ता को केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संकल्प बनाया जाए। चाहे वस्त्र हों, तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स या पैकेजिंग—हर क्षेत्र में ‘मेड इन इंडिया’ का अर्थ सर्वोत्तम गुणवत्ता से जुड़ा होना चाहिए।
भारतीय उत्पाद: सिर्फ वस्तु नहीं, भरोसे का प्रतीक
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारतीय उत्पादों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में गुणवत्ता ही वह तत्व है जो किसी देश के उत्पादों को पहचान दिलाता है। जब उपभोक्ता भारतीय उत्पाद देखे, तो उसके मन में भरोसा, टिकाऊपन और उत्कृष्टता की छवि स्वतः उभरनी चाहिए।
विनिर्माण में उत्कृष्टता को मानक बनाने की जरूरत
मोदी ने उद्योग जगत से आग्रह किया कि वे विनिर्माण में उत्कृष्टता को एक तय मानक के रूप में अपनाएं। उत्पादन की मात्रा के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता पर बराबर ध्यान देना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उनका मानना है कि गुणवत्ता आधारित सोच ही भारतीय उद्योग को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत स्थान दिला सकती है।
स्टार्टअप इंडिया: एक दशक में ऐतिहासिक उपलब्धि
प्रधानमंत्री ने 2016 में शुरू हुई स्टार्टअप इंडिया यात्रा का उल्लेख करते हुए युवाओं के प्रयासों की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। यह उपलब्धि युवाओं की नवाचार क्षमता, जोखिम उठाने की भावना और नए विचारों पर विश्वास का परिणाम है।
भविष्य की तकनीकों में भारतीय स्टार्टअप की मजबूत मौजूदगी
मोदी ने बताया कि भारतीय स्टार्टअप आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, हरित हाइड्रोजन और जैव प्रौद्योगिकी जैसे उभरते और रणनीतिक क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। ये वे क्षेत्र हैं, जिनकी व्यापक कल्पना एक दशक पहले तक मुश्किल थी। यह भारत की बदलती तकनीकी सोच और आत्मनिर्भरता की दिशा को दर्शाता है।
युवाओं के नाम प्रेरक संदेश
प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप से जुड़े या नया स्टार्टअप शुरू करने की इच्छा रखने वाले सभी युवाओं को सलाम करते हुए कहा कि देश का भविष्य उनके नवाचार और साहस पर टिका है। उन्होंने युवाओं को गुणवत्ता, ईमानदारी और दीर्घकालिक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
राष्ट्रीय पर्वों पर शुभकामनाए
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस और आगामी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
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