मध्येप्रदेश में नई सरकार के इंतजार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अब मतगणना के लिए मंगलवार से महज पांच दिन बचे हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को मतदान हो चुका है और तीन नवंबर को परिणाम आएंगे।
मतदान और मतगणना के बीच 17 दिन का फासला
मतदान और मतगणना के बीच 17 दिन के इंतजार ने भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही उम्मीदवारों की नींद उड़ा दी है। वहीं, जनता भी इस लंबे अंतराल के बीच अगली सरकार बनने का इंतजार कर रही है। इस बार 17 दिन का लंबा अंतराल प्रदेश के कामकाज को भी प्रभावित कर रहा है। क्योंकि आचार संहिता लागू होने के कारण वर्तमान सरकार आमजन से जुड़े विकास कार्य नहीं कर पा रही है।
पिछले तीन चुनाव में 12 से 14 दिनों का रहा अंतर
पिछले तीन चुनावों की बात करें तो 12 से 14 दिन का अंतराल रहा है। वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में मतदान और मतगणना के बीच 12 दिन का अंतर था। 27 नवंबर को मतदान और आठ दिसंबर को मतगणना हुई थी। इसी तरह वर्ष 2013 में 14 दिन में चुनाव परिणाम आए थे। 25 नवंबर को मतदान और आठ दिसंबर को मतगणना हुई थी। 2018 में भी 14 दिन में मतदान और मतगणना हो गई थी। इस बार 17 दिन का अंतर है। 17 नवंबर को मतदान और तीन दिसंबर को मतगणना होगी।
प्रत्याशी करा रहे धार्मिक अनुष्ठान
मतगणना में 17 दिन के लंबे इंतजार के बीच चुनावी विजय के लिए प्रत्याशी धार्मिक अनुष्ठान करा रहे हैं। प्रत्याशी अपने परिवार के साथ तीर्थ स्थलों में ईश्वर की शरण में पहुंच रहे हैं। वहीं भाजपा के कुछ नेता तेलंगाना में चुनाव प्रचार कर रहे है लेकिन वहां से ही अपने -अपने विधानसभा क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। कुल मिलाकर प्रत्याशी अपनी जीत को लेकर चिंतित है और उनकी यह चिंता अभी पांच और बनी रहेगी।
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