भोपाल में बढ़े मामले
राजधानी भोपाल में ठंड के चलते मौसमी बिमारी और डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अस्पताल में डेंगू के मरीज के साथ वायरल फीवर के मामले ज्यादा आ रहे है। इन नए मामलों के बाद कुल मरीजों की संख्या 810 पहुंच गई है। मिली जानकारी के अनुसार दिसंबर के दूसरे हफ्ते से ही डेंगू से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं सबसे ज्यादा डेंगू के मामले बैरागढ़ और बाग सेवनिया क्षेत्र में मिली है।ग्वालियर में पिछले 24 घंटे में डेंगू के 29 नए मरीज मिले
मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा मामले ग्वालियर से सामने आ रहे है। पिछले 24 घंटे में डेंगू के 29 नए मरीज मिले है। वहीं जयारोग्य और जिला अस्पताल में 65 सैंपल की जांच हुई जिसमें 10 बच्चों सहित 29 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। बतादें कि, पीड़तों में ग्वालियर जिले के 15 मरीज और अन्य जिलों के 14 मरीज इसमें शामिल है। इन नए मामलों के बाद जिले में डेंगू का बढ़कर आंकड़ा 1100 तक पहुंचा।डेंगू बुखार के लक्षण
डेंगू का प्रमुख लक्षण होता है, तेज बुखार, जिसका तापमान 104 डिग्री फैरेनहाइट (40 डिग्री सेल्सियस) तक बढ़ सकता है।
डेंगू बुखार के कुछ मरीजों को पेट में दर्द और डायरिया भी हो सकता है।
कुछ मरीजों को डेंगू के साथ खांसी और सर्दी भी हो सकती है।
डेंगू इंफेक्शन से व्यक्ति काफी थक जाता है और अक्सर असमर्थ होता है।
डेंगू बुखार के लक्षणों में एक विशेषता है कि इसके साथ व्यक्ति की त्वचा पर लाल दाने निकल सकते हैं।
डेंगू के मरीजों को अक्सर जोड़ों में दर्द और सूजन हो सकती है, जिसे डेंगू के इसके लक्षण “डेंगू फीवर” कहा जाता है।
डेंगू बुखार से बचने के उपाए
स्थानीय जनसंचालन के निर्देशों का पालन करें।
अपने घर के आस-पास की जगहों पर पानी जमा न होने दें।
मच्छर काटने से बचने के लिए मच्छर नेट्स का उपयोग करें।
डेंगू बुखार से बचने के लिए अपने घर को साफ-सुथरा रखें।
स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर मच्छर प्रबंधन और डेंगू नियंत्रण के उपायों का समर्थन करें।
डेंगू वायरस मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है, इसलिए मच्छरों के काटने से बचें।
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