भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक 136 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। अभी भी 94 नामों पर विचार चल रहा है। इसी बीच नाराज नेताओं को मनाने का क्रम भी शुरू हो गया है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व विधायक दिलीप शेखावत को मनाने उनके घर पहुंचे।
टिकट न मिलने पर नाराज चल रहे दिलीप शेखावत
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नागदा को जिला बनाने की घोषणा करते हुए नागदा सीट पर कांग्रेस का कब्जा छुड़ाने की पूरी जुगत लगा दी है। हालांकि, यहां पर टिकट को लेकर कार्यकर्ताओं और नेताओं में नाराजगी का माहौल भी देखने को मिल रहा है। नागदा से बीजेपी ने पूर्व जिला अध्यक्ष तेज बहादुर सिंह चौहान को मैदान में उतारा है। जबकि यहां से पूर्व विधायक दिलीप शेखावत अपनी प्रबल दावेदारी कर चुके हैं। दिलीप शेखावत पिछले कई दिनों से नाराज चल रहे थे।दूर करवाई पूर्व विधायक की नाराजगी
गुरुवार 12 अक्टूबर को नागदा में कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने हिस्सा लिया। जब कैलाश विजयवर्गीय को दिलीप शेखावत की नाराजगी के बारे में जानकारी मिली तो वे उन्हें मनाने उनके घर पहुंचे। इसके बाद चाय पर जमकर चर्चा हुई। दिलीप शेखावत ने अपने मन की बात कैलाश विजयवर्गीय को बताई। बाद में वे दिलीप शेखावत को लेकर कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे। नागदा में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में सबसे पहले कैलाश विजयवर्गीय ने दिलीप शेखावत और बीजेपी प्रत्याशी तेज बहादुर सिंह को गले मिलवा कर सारी नाराजगी दूर करवाई। इसके बाद बीजेपी को जिताने का संकल्प दिलवाया।बीजेपी को कार्यकर्ताओं से बगावत का डर
भारतीय जनता पार्टी में टिकट वितरण के बाद से ही कई सीटों पर कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच नाराजगी चल रही है। अब इस नाराजगी को दूर करने की कोशिश शुरू हो गई है। बीजेपी को यह भी डर सता रहा है कि कहीं कांग्रेस की तरह बीजेपी में भी नाराज नेता निर्दलीय रूप से मैदान में न उतर जाए। इससे पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। यही वजह है कि अब मन मनौव्वल का दौर शुरू हो गया है।Read More: चुनावी माहौल में बीजेपी को बड़ा झटका, सुनाई दे रहे बगावती स्वर
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