मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने इंदिरा गांधी महिला एवं बाल चिकित्सालय, गैस राहत, भोपाल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मरीजों से बातचीत की गई और अस्पताल में कई गंभीर व्यवस्थाओं में खामियां सामने आईं। अध्यक्ष ने कई गंभीर अव्यवस्थाओं पर नाराज़गी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया।
सोनोग्राफी के लिए रेडियोलॉजिस्ट नहीं
निरीक्षण में यह पाया गया कि महिलाओं की सोनोग्राफी जांच के लिए अस्पताल में उपयुक्त रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है। इससे मरीजों को जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है या उन्हें अन्य अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
तीन साल से बंद मॉड्यूलर ओटी और ऑक्सीजन प्लांट
आयोग को बताया गया कि 2023 में सार्वजनिक धन से बनाए गए मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर और ऑक्सीजन प्लांट अब तक मरीजों के उपचार में उपयोग नहीं किए जा सके हैं। अध्यक्ष ने इसे मानव अधिकारों का उल्लंघन बताया और स्पष्ट किया कि जनता के लिए बनाए गए संसाधनों का उपयोग न होना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने अस्पताल अधीक्षक को विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।
निर्माण खामियों का हवाला
अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि ऑपरेशन थियेटर की छत से प्लास्टर गिरने और दीवारों में दीमक लगने जैसी समस्याओं के कारण ओटी को चालू नहीं किया जा सका। आयोग ने स्पष्ट किया कि अस्पताल से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान आयोग के उप पुलिस महानिरीक्षक मुकेश कुमार श्रीवास्तव, रजिस्ट्रार लॉ संदीप कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक रसना ठाकुर और उप पुलिस अधीक्षक भरत नोटिया भी उपस्थित रहे।
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