राजधानी भोपाल में गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) की एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। छात्रा का शव बाथरूम में मिला, जबकि पास ही एक खाली एसिड की बोतल पड़ी हुई थी। घटना के बाद कॉलेज और छात्र समुदाय में हड़कंप मच गया।
प्राइवेट हॉस्टल में रहती थी छात्रा
मृतक छात्रा रोशनी गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की पढ़ाई कर रही थी। वह डे-स्कॉलर थी और कोहेफिजा थाना क्षेत्र में स्थित एक प्राइवेट हॉस्टल में रह रही थी। रोशनी ने पिछले साल अक्टूबर में ही मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया था।
जवाब नहीं मिला तो तोड़ा गया दरवाजा
जानकारी के अनुसार, जब रोशनी सुबह कॉलेज जाने के लिए अपने कमरे से बाहर नहीं निकली तो साथ पढ़ने वाली छात्राएं उसे बुलाने पहुंचीं। कई बार आवाज देने और फोन कॉल करने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला, तो हॉस्टल के गार्ड को सूचना दी गई। इसके बाद पहले कमरे और फिर बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया, जहां रोशनी अचेत अवस्था में पड़ी मिली।
पास में मिली संदिग्ध एसिड की बोतल
छात्राओं ने बताया कि रोशनी के पास एक खाली एसिड की बोतल पड़ी हुई थी। तत्काल कॉलेज प्रबंधन को सूचना दी गई। रोशनी को सुबह करीब 8:30 बजे हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
आलीराजपुर की रहने वाली थी रोशनी
रोशनी मूल रूप से आलीराजपुर जिले की निवासी थी। साथी छात्रों के मुताबिक, वह पिछले हफ्ते ही अपने घर से लौटकर भोपाल आई थी। छात्राओं ने बताया कि रोशनी स्वभाव से शांत और पढ़ाई को लेकर गंभीर थी।
पढ़ाई के तनाव में थी छात्रा: डीन
गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता एन. सिंह ने बताया कि रोशनी के मोबाइल में परिजनों को भेजे गए मैसेज मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि वह पढ़ाई को लेकर तनाव में थी। उसने मैसेज में लिखा था कि मेहनत करने के बावजूद उसे विषय ठीक से समझ में नहीं आ रहे थे।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल छात्रा के शव को भोपाल के मसूरी क्षेत्र स्थित मॉर्चुरी में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। कोहेफिजा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
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